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SC ने झारखंड HC के JNAC में अवैध निर्माणों को तोड़ने के आदेश पर लगाई रोक

जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) क्षेत्र में अवैध निर्माण और नक्शा विचलन से जुड़े मामले में प्रतिवादियों के अवैध निर्माण को तोड़ने के झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है.
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  • हाईकोर्ट ने जेएनएसी को सभी 24 प्रतिवादियों के अवैध निर्माण तोड़ने का दिया था आदेश

Ranchi : जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) क्षेत्र में अवैध निर्माण और नक्शा विचलन से जुड़े मामले में प्रतिवादियों के अवैध निर्माण को तोड़ने के झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. 

 

प्रभावित प्रतिवादियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत प्रदान की है.

 

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले की सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दलील दी कि तीन सदस्य वाली समिति ने रिपोर्ट तैयार करते समय उन्हें सुनवाई का अवसर नहीं दिया.

 

ऐसे में यदि उनके निर्माण हटाए जाते हैं तो उन्हें बिना सुनवाई के बेदखल किया जाएगा, जिससे गंभीर नुकसान और कठिनाई होगी. यह भी कहा गया कि याचिकाकर्ताओं को उस जनहित याचिका में पक्षकार नहीं बनाया गया था, जिसमें 14 जनवरी 2026 का आदेश पारित हुआ था.

 

सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं से संबंधित निर्माणों के संबंध में यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखी जाएगी.

 

साथ ही, जिन प्रतिवादियों का प्रतिनिधित्व नहीं है, उन्हें नोटिस जारी करने का आदेश भी दिया गया. मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद की जाएगी और सभी संबंधित याचिकाओं को आपस में जोड़कर सुना जाएगा.

 

दरअसल, मामला झारखंड हाईकोर्ट द्वारा 14 जनवरी 2026 को पारित उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें तीन अधिवक्ताओं की समिति की रिपोर्ट के आधार पर जेएनएसी को जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) क्षेत्र में अवैध निर्माण और नक्शा विचलन से जुड़े मामले में प्रतिवादियों के भवनों को तोड़ने का आदेश दिया गया था.

 

इसके बाद प्रतिवादियों द्वारा दायर आवेदनों को हाई कोर्ट ने 28 जनवरी और 29 जनवरी 2026 को खारिज कर दिया था. इन सभी आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

 

बता दें कि राकेश कुमार झा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जेएनएसी को सभी 24 प्रतिवादियों के अवैध निर्माण तोड़ने का आदेश दिया था.

 

प्रतिवादियों ने हाई कोर्ट के 14 जनवरी 2026 के आदेश में संशोधन करने का आग्रह कोर्ट से किया था और भवनों को तोड़ने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे हाई कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि अवैध निर्माण किसी रूप में बर्दाश्त नहीं की जा सकती है, सुप्रीम कोर्ट का भी यही आदेश है. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई की थी.

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