Guwahati : कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. खबर है कि गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है.कोर्ट ने मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
Gauhati High Court rejects anticipatory bail plea of Congress leader Pawan Khera
— ANI Digital (@ani_digital) April 24, 2026
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पवन खेड़ा ने याचिका असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज FIR के संबंध में दायर की गयी थी.रिनिकी भुइयां सरमा ने FIR पवन खेड़ा द्वारा लगाये गये कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियों से जुड़े आरोपों को लेकर दर्ज कराई थी.
गुवाहाटी हाईकोर्ट में मंगलवार को पवन खेड़ा की ओर से सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी और केएन चौधरी दलीलरखने पहुंचे थे.
असम सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने अपना पक्ष रखा था.गुवाहाटी हाईकोर्ट में मंगलवार को लगभग तीन घंटे तक सुनवाई चली. इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
पवन खेड़ा की ओर से सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी की दलील थी कि याचिकाकर्ता के भागने का कोई खतरा नहीं है, इसलिए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए. तर्क दिया कि यह ज्यादा से ज्यादा एक आपराधिक मानहानि का मामला बनता है. इसे महज एक निजी शिकायत के जरिए ही आगे बढ़ाया जा सकता है.
असम सरकार की तरफ से पेश हुए एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने अभिषेक मनु सिंघवी की दलील काटते हुए कोर्ट में तर्क दिया कि यह साधारण मानहानि का मामला नहीं है. कहा था कि यह अपराध, धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला बनता है.
मामले की तह में जायें तो पवन खेड़ा ने पांच अप्रैल को दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम सीएम की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने सहित विदेशों में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था.
इसके अगले दिन रिंकी भुइयां सरमा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में पवन खेड़ा और अन्य लोगों के खिलाफ बीएनएस की अलग-अलग धाराओं के तहत FIR दर्ज कराई थी.
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