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राजनीतिक बहसों के बीच असंगत शब्दों का प्रयोग संसदीय मर्यादा के अनुकूल नहीं रहाः स्पीकर

शीतकालीन सत्र के समापन भाषण में स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि इस सत्र के दौरान कई बार तीखी राजनीतिक बहसों के बीच कुछ कठोर या असंगत शब्दों का प्रयोग हुआ, जो हमारी संसदीय मर्यादा के अनुकूल नहीं कहा जा सकता.
 

Ranchi : शीतकालीन सत्र के समापन भाषण में स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि इस सत्र के दौरान कई बार तीखी राजनीतिक बहसों के बीच कुछ कठोर या असंगत शब्दों का प्रयोग हुआ, जो हमारी संसदीय मर्यादा के अनुकूल नहीं कहा जा सकता. लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, परन्तु विचारों की कठोरता, भाषा की कठोरता में परिवर्तित न हो. यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. 

 

इस सत्र की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही- अनुपूरक बजट का पारित होना

इस सत्र की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही- राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत द्वितीय अनुपूरक बजट का पारित होना. सदन में विस्तृत चर्चा के बाद इसे सहमति प्रदान की गई. इस अनुपूरक बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग को पर्याप्त प्राथमिकता देते हुए आवंटन किया गया है.

 

यह निर्णय राज्य सरकार की सामाजिक-न्याय, पोषण, महिला-सशक्तिकरण और बाल अधिकारों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है. यह स्वागतयोग्य कदम झारखंड के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करेगा और हमारी अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य एवं विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
 

सत्र में हुई चर्चाएं विकास को गति देने में सहायक होंगी

इस सत्र में हुई चर्चाएं, प्रश्नोत्तर, ध्यानाकर्षण सूचनाएं, संकल्प तथा विभिन्न विधायी प्रक्रियाएं झारखंड के विकास, को गति देने में निश्चित रूप से सहायक होंगी. राज्यवासियों को आगामी क्रिसमस, नव वर्ष 2026 तथा झारखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक सोहराय पर्व, बंधना-खुंटांव, मकर सक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं.

 

 हमारे राज्य की विविधता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और ये पर्व हमें सौहार्द, सहयोग, करूणा और आपसी सम्मान की भावना को अधिक मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं. पर्व केवल उत्सव नहीं बल्कि समाज को जोड़ने वाले सेतु हैं. मेरी कामना है ये अवसर झारखंड में शांति, भाईचारा समृद्धि और सामाजिक एकता को और सुदृढ़ करे.

 

शीतकालीन सत्र की फैक्ट फाइल

•    इस सत्र के दौरान कुल 301 प्रश्न स्वीकार किए गए, जिनमें से 121 अल्पसूचित, 148 तारांकित, और 32 अतारांकित प्रश्न शामिल रहे.

•    अल्पसूचित 118 तथा तारांकित 147 प्रश्नों के उत्तर विभागों से प्राप्त हुए.

•    अल्पसूचित 03, तारांकित 01 तथा अतारांकित 32 प्रश्नों के उत्तर विभागों के पास लंबित हैं. 

•    इस सत्र में कुल 129 शून्यकाल प्राप्त हुए, जिसमें से 94 सदन में पढ़ी गई. 

•    कुल 42 ध्यानाकर्षण सूचनाएं प्राप्त हुई, जिनमें से 20 स्वीकृत हो पाया, 12 का उत्तर सदन में प्राप्त, 01 सूचना अप्रस्तुत, तथा 07 सूचनाएं प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति को सुपुर्द की जाएगी.

•    इस सत्र में कुल 39 गैर-सरकारी संकल्प सदन के समक्ष आए.

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