Ranchi: मौसम इन दिनों लोगों की सेहत के साथ आंखमिचौली खेल रहा है. कभी ठंडी हवा, कभी तेज धूप और कभी अचानक बदलता तापमान. इसी उतार-चढ़ाव का सीधा असर अस्पतालों की ओपीडी में भी नजर आ रहा है. सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक सर्दी, खांसी, गले में खराश और एलर्जी से परेशान मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान यानी रिम्स में स्थिति सबसे ज्यादा स्पष्ट दिख रही है. डॉक्टरों के अनुसार ओपीडी में आने वाले लगभग हर दूसरे मरीज की शिकायत सर्दी, खांसी या एलर्जी से जुड़ी है. सामान्य चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ गगन गुंजन बताते हैं कि बदलते तापमान के कारण शरीर जल्दी अनुकूलन नहीं कर पा रहा है, जिससे वायरल और एलर्जिक समस्याएं बढ़ रही हैं.
रांची के सदर अस्पताल में भी रोजाना करीब 20 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिन्हें सर्दी-खांसी या गले की समस्या है. सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार के अनुसार बच्चे, बुजुर्ग और कामकाजी लोग सभी इसकी चपेट में हैं. खासकर सुबह और शाम की ठंडक लोगों को बीमार कर रही है.
निजी अस्पतालों में भी हालात अलग नहीं हैं. भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल में प्रतिदिन 10 से 15 मरीज सर्दी, खांसी और एलर्जी की शिकायत लेकर इलाज के लिए आ रहे हैं. पहले जहां ऐसे मामले गिनती के होते थे, अब संख्या में साफ बढ़ोतरी दिख रही है.
इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स के सचिव डॉ राजेश कुमार का कहना है कि बच्चों में इस मौसम में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है. उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को ठंडी हवा से बचाएं, हल्के गर्म कपड़े पहनाएं, पर्याप्त पानी पिलाएं और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें.
डॉक्टरों के अनुसार बदलते मौसम में थोड़ी सी सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है. सुबह-शाम ठंडी हवा से बचें, शरीर ढक कर रखें और पर्याप्त पानी पिए. सर्दी, खांसी या गले की परेशानी लंबे समय तक बनी रहे तो देर न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि बीमारी गंभीर रूप न लें.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें



Leave a Comment