अभी क्या है नियम
निर्वाचन आयोग से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए विधायी विभाग सरकार की नोडल एजेंसी के तौर पर काम करता है. मौजूदा समय के निर्वाचन कानून के मुताबिक, कोई भी उम्मीदवार आम चुनाव या कई सीटों के उपचुनाव या द्विवार्षिक चुनाव में दो अलग अलग सीटों से चुनाव लड़ सकता है. यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक सीट से निर्वाचित होता है, तो वह एक ही क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर सकता है. इसे भी पढ़ें –अंतरराष्ट्रीय">https://lagatar.in/bjp-to-organize-yoga-camps-at-5000-shakti-kendras-of-jharkhand-on-international-yoga-day/">अंतरराष्ट्रीययोग दिवस पर झारखंड के 5000 शक्ति केंद्रों पर योग शिविर लगायेगी बीजेपी
1996 में किया गया था संशोधन
वर्ष 1996 में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में संशोधन करके यह व्यवस्था की गई कि कोई भी व्यक्ति एक चुनाव में दो से अधिक सीटों से चुनाव लड़ सकता है. इस संशोधन से पहले तक चुनाव लड़ने के लिए सीटों की संख्या की कोई सीमा तय नहीं थी. निर्वाचन आयोग ने 2004 में यह प्रस्ताव दिया था कि जन प्रतिनिधित्व कानून की कुछ धाराओं में संशोधन किया जाए, ताकि कोई भी प्रत्याशी एक समय में दो सीटों पर चुनाव नहीं लड़ सके.5 से 10 लाख रुपये तक लग सकता है जुर्माना
एक अधिकारी ने कहा, अगर मौजूदा प्रावधानों को बरकरार रखा जाता है, तो फिर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि उपचुनाव होने पर उस व्यक्ति से पूरा खर्च वूसला जाए, जिसके इस्तीफा देने से सीट खाली हुई है. यह प्रस्ताव भी दिया गया था कि विधानसभा सीट के उपचुनाव में पांच लाख रुपये और लोकसभा के उपचुनाव में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगे. आयोग का कहना है कि इस राशि में उचित ढंग से संशोधन होना चाहिए. इसे भी पढ़ें – केंद्र">https://lagatar.in/cm-hemant-soren-raises-question-on-centres-agneepath-scheme-appeals-to-youth-wake-up-wake-up-the-leaders-of-the-future/">केंद्रकी अग्निपथ योजना पर सीएम हेमंत सोरेन ने उठाया सवाल, युवाओं से की अपील- ‘जागो भविष्य के कर्णधारों जागो’ [wpse_comments_template]

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