Ranchi : राष्ट्रीय आदिवासी समन्वय समिति, भारत के संयोजक देव कुमार धान ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि देशभर में 9 अगस्त को विश्व आदिआवासी दिवस मनाया जाएगा. इस दिन राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए, ताकि इसे व्यापक रूप से मनाया जा सके. अपने पत्र में देव कुमार धान ने कहा है कि भारत के आदिवासी समुदाय देश के सबसे प्राचीन निवासी हैं.
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई है. पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा में हमेशा योगदान देते है. देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक विकास में आदिवासी समाज ने अमूल्य योगदान दिया है. बावजूद इसके आज तक उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान नहीं मिला है और न ही मान्यता मिल सकी है.
पत्र में उन्होंने बताया है कि 1857 की क्रांति से पूर्व ही आदिवासी समाज ने औपनिवेशिक शासन और शोषण के विरुद्ध कई आंदोलन किए है. क्रांतिकारी तिलका मांझी, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, बिरसा मुंडा, जतरा टाना भगत, तेलंगा खड़िया, नीलांबर-पीतांबर, वीर बुधु भगत ने संघर्ष किए है और देश के लिए अपने आप को न्योछावर कर दिया.
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