शिखर- मरांगबुरू विवाद : आदिवासियों का पारसनाथ कूच, 10 जनवरी को जनसभा झारखंड स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्ण ने कार्य बहिष्कार को सफल बनाने के लिए वकीलों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि वकीलों ने कोर्ट फीस और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जैसे गंभीर मुद्दे पर एकजुटता का परिचय दिया है. इसके साथ ही उन्होंने सरकार से यह मांग की है कि वकीलों की मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द से जल्द कोई ठोस निर्णय ले, और उसकी जानकारी काउंसिल को दे. [caption id="attachment_522106" align="aligncenter" width="1038"]
alt="" width="1038" height="1280" /> काउंसिल के निर्वाचित सदस्य राम सुभग सिंह[/caption] काउंसिल के निर्वाचित सदस्य राम सुभग सिंह ने कार्य बहिष्कार के निर्णय को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि कार्य बहिष्कार का निर्णय क्यों लिया गया यह समझ से परे है. काउंसिल ने बहुमत के आधार पर निर्णय लिया है, लेकिन यह निर्णय वकीलों के हित में नहीं है. [caption id="attachment_522109" align="aligncenter" width="764"]
alt="" width="764" height="768" /> झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सदस्य मनोज कुमार[/caption] वहीं झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सदस्य मनोज कुमार ने अपने स्टैंड पर कायम रहते हुए काउंसिल के निर्णय को अनुचित करार दिया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बार-बार के कार्य बहिष्कार से वकीलों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. [caption id="attachment_522110" align="aligncenter" width="926"]
alt="" width="926" height="889" /> झारखंड स्टेट बार काउंसिल की एकमात्र महिला सदस्य रिंकू भगत[/caption] झारखंड स्टेट बार काउंसिल की एकमात्र महिला सदस्य रिंकू भगत ने कार्य बहिष्कार के फैसले को काउंसिल के कुछ सदस्यों की जिद बताया. उन्होंने कहा, कार्य बहिष्कार करने से वकीलों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें-शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-09-jan-2023-jhar-news-updates/">शाम
की न्यूज डायरी।।09 JAN।।ढुल्लू ने किया सरेंडर, गए जेल।।महिला से 5 लाख की लूट।।न्यायिक कार्य से तीसरे दिन भी दूर रहे वकील।।पीएम आवास के लाभुकों को कब मिलेगी छत।।तमिलनाडु विधानसभा में हाई लेवल ड्रामा।।समेत कई खबरें और वीडियो।। [wpse_comments_template]

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