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वकीलों की स्ट्राइक का तीसरा दिन: अध्यक्ष ने कहा, एकजुट रहें, सदस्य इसे बता रहे जिद, वकीलों को नुकसान

Ranchi: झारखंड में कोर्ट फीस वृद्धि का निर्णय वापस लेने और एड्वोकेट प्रोटेक्शन एक्ट समेत अन्य मांगों को लेकर वकीलों ने कार्य बहिष्कार सोमवार को भी जारी रखा. स्टेट बार काउंसिल के निर्देश पर राज्यभर के वकीलों का कार्य बहिष्कार मंगलवार को भी जारी रहेगा. झारखंड स्टेट बार काउंसिल के निर्देश पर अधिवक्ताओं ने कोर्ट फीस बढ़ोतरी को वापस लेने के लिए खुद को न्यायिक कार्यों से दूर रखा है. रांची में झारखंड हाईकोर्ट और रांची सिविल कोर्ट के वकीलों ने काउंसिल के निर्देश का पालन करते हुए खुद को न्यायिक कार्यों से दूर रखा. जिसका असर न्यायिक कार्यों के निष्पादन पर साफ देखने को मिला. झारखंड हाईकोर्ट में कई मामले सुनवाई के लिए लंबित थे. जिनकी सुनवाई टल गई. वहीं रांची सिविल कोर्ट में कई फरियादी अपने मामलों की सुनवाई के लिए कोर्ट की दहलीज तक पहुंचे, लेकिन उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा. इसे भी पढ़ें-सम्मेद">https://lagatar.in/sammed-shikhar-marangburu-dispute-tribals-march-to-parasnath-public-meeting-on-january-10/">सम्मेद

शिखर- मरांगबुरू विवाद : आदिवासियों का पारसनाथ कूच, 10 जनवरी को जनसभा
झारखंड स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्ण ने कार्य बहिष्कार को सफल बनाने के लिए वकीलों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि वकीलों ने कोर्ट फीस और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जैसे गंभीर मुद्दे पर एकजुटता का परिचय दिया है. इसके साथ ही उन्होंने सरकार से यह मांग की है कि वकीलों की मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द से जल्द कोई ठोस निर्णय ले, और उसकी जानकारी काउंसिल को दे. [caption id="attachment_522106" align="aligncenter" width="1038"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/राम-सुभग-सिंह-सदस्य.jpg"

alt="" width="1038" height="1280" /> काउंसिल के निर्वाचित सदस्य राम सुभग सिंह[/caption] काउंसिल के निर्वाचित सदस्य राम सुभग सिंह ने कार्य बहिष्कार के निर्णय को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि कार्य बहिष्कार का निर्णय क्यों लिया गया यह समझ से परे है. काउंसिल ने बहुमत के आधार पर निर्णय लिया है, लेकिन यह निर्णय वकीलों के हित में नहीं है. [caption id="attachment_522109" align="aligncenter" width="764"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/मनोज-कुमार-सदस्य.jpg"

alt="" width="764" height="768" /> झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सदस्य मनोज कुमार[/caption] वहीं झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सदस्य मनोज कुमार ने अपने स्टैंड पर कायम रहते हुए काउंसिल के निर्णय को अनुचित करार दिया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बार-बार के कार्य बहिष्कार से वकीलों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. [caption id="attachment_522110" align="aligncenter" width="926"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/रिंकु-भगत-सदस्य.jpg"

alt="" width="926" height="889" /> झारखंड स्टेट बार काउंसिल की एकमात्र महिला सदस्य रिंकू भगत[/caption] झारखंड स्टेट बार काउंसिल की एकमात्र महिला सदस्य रिंकू भगत ने कार्य बहिष्कार के फैसले को काउंसिल के कुछ सदस्यों की जिद बताया. उन्होंने कहा, कार्य बहिष्कार करने से वकीलों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें-शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-09-jan-2023-jhar-news-updates/">शाम

की न्यूज डायरी।।09 JAN।।ढुल्लू ने किया सरेंडर, गए जेल।।महिला से 5 लाख की लूट।।न्यायिक कार्य से तीसरे दिन भी दूर रहे वकील।।पीएम आवास के लाभुकों को कब मिलेगी छत।।तमिलनाडु विधानसभा में हाई लेवल ड्रामा।।समेत कई खबरें और वीडियो।।
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