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भाजपा की भ्रष्टाचार वॉशिंग मशीन के खिलाफ खड़े होने का वक्त आ गया है : शिवसेना उद्धव ठाकरे

Mumbai : शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने कहा है कि देश को बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की भ्रष्टाचार वॉशिंग मशीन के खिलाफ खड़े होने का वक्त आ गया है. आज सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में यह बात कही. संपादकीय में विपक्षी नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र का हवाला दिया गया है, जिसमें निरंकुश शासन का जिक्र किया गया है. इसे भी पढ़ें : हिमाचल">https://lagatar.in/himachal-pradesh-tourists-from-punjab-created-ruckus-pelted-stones-waved-swords-thrashed-people/">हिमाचल

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विपक्ष को परेशान करना लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं 

सामना ने लिखा कि विपक्ष को परेशान करना और सत्ता में बने रहना लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं है. बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और के चंद्रशेखर राव समेत नौ विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर विपक्ष के सदस्यों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के घोर दुरुपयोग का आरोप लगाया है. इस पत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने भी हस्ताक्षर किये हैं. सामना में कहा गया है कि अब भाजपा की ‘भ्रष्टाचार वॉशिंग मशीन’ के खिलाफ खड़े होने और देश को बचाने का वक्त आ गया है. इसे भी पढ़ें : राबड़ी">https://lagatar.in/bjp-said-on-cbi-raid-on-rabri-devis-residence-pay-as-you-do-truth-will-come-out-soon/">राबड़ी

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विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा  

पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने एक पत्र लिखा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि देश तानाशाही की ओर जा रहा है. जान लें कि शिवसेना (यूबीटी) नेता ‘भ्रष्ट नेताओं को पार्टी में शामिल करने तथा उन्हें संरक्षण देने को लेकर भाजपा पर निशाना साधने के लिए वॉशिंग मशीन शब्द का इस्तेमाल करते हैं. पत्र में कहा गया है कि देश में 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई बढ़ गयी है लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे जो नेता भाजपा में शामिल हो गये, उन्होंने कभी  ED-CBI की कार्रवाई का सामना नहीं किया. ऐसे ज्यादातर मामले झूठे हैं.

स्वायत्त सरकारी संस्थानों का निजीकरण किया जा रहा है

पत्र के अनुसार स्वायत्त सरकारी संस्थानों का निजीकरण किया जा रहा है. यह अल कायदा और तालिबान से भी ज्यादा खतरनाक है. भारत का निर्वाचन आयोग भाजपा के आगे नतमस्तक है जिसके कारण SC ने भविष्य में उसकी नियुक्तियों के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिया है.संपादकीय में प्रख्यात वकील कपिल सिब्बल द्वारा शुरू किये गये मंच इंसाफ के सिपाही का भी उल्लेख किया गया है. [wpse_comments_template]

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