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अमेरिकी वाणिज्य सचिव का खुलासा, ट्रेड डील लटकी, क्योंकि पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया

अमेरिकी वाणिज्य सचिव के इस बयान से साफ हो गया कि पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया. इससे ट्रंप का ईगो हर्ट हो गया. इसकी कीमत भारत को 50 प्रतिशत तक के भारी-भरकम टैरिफ के रूप में चुकानी पड़ी. ट्रंप अब इससे भी ज्यादा टैरिफ लगाने की बात कह चुके हैं.
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 Washington : भारत-अमेरिका ट्रेड डील में आयी रुकावट को लेकर  अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने अहम खुलासा किया है. उन्होंने अनुसार भारत के पीएम मोदी द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात नहीं किया जाना इसका सबसे बड़ा कारण है.


वाणिज्य सचिव ने कहा कि ट्रेड डील के अटकने की वजह नीतिगत मतभेद नहीं है.  यह सिर्फ इसलिए है कि पीएम मोदी ने ट्रंप को सीधे फोन नहीं किया. 


हॉवर्ड लटनिक ने एक इंटरव्यू में यह दावा किया. उन्होंने कहा, व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को ट्रंप से फोन पर बात करनी थी. लेकिन यह नहीं हुआ.  


लटनिक ने कहा, यह ट्रंप की डील थी. बस मोदी को राष्ट्रपति को फोन करना था. लेकिन वे(मोदी) असहज थे.  


अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ व्यापार समझौते किये. उम्मीद थी कि भारत के साथ समझौता इन देशों से पहले हो जायेगा, लेकिन नहीं हो पाया. 

 

अमेरिकी वाणिज्य सचिव के इस बयान से साफ हो गया कि पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया. इससे ट्रंप का ईगो हर्ट हो गया. इसकी कीमत भारत को 50 प्रतिशत तक के भारी-भरकम टैरिफ के रूप में चुकानी पड़ी. ट्रंप अब इससे भी ज्यादा टैरिफ लगाने की बात कह चुके हैं.


लटनिक के अनुसार जिन शर्तों पर भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता लगभग तय था, अमेरिका उस व्यापार समझौते से पीछे हट चुका है.  जानकारों का कहना है कि  अगर ट्रेड डील हो जाती है तो भारत को टैरिफ में राहत मिलती.


इस ट्रेड डील के तहत द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया था. बता दें कि  भारत-अमेरिका के बीच वर्तमान में  191 अरब डॉलर का व्यापार होता है.

 

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