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Hazaribagh News: जीटी रोड पर लगा जाम, 15 किलोमीटर तक लंबी लाइन में खड़े रहे वाहन

Hazaribagh News: बरही, धनबाद और गया की ओर जाने वाले वाहन घंटों जाम में फंसे रहे. सड़क पर कहीं ट्रक तो कहीं छोटी गाड़ियों की लंबी कतार नजर आई. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि चतरा मोड़ का जाम पार करने के बाद भी वाहन चालकों को चौपारण में राहत नहीं मिल रही है.
 
जीटी रोड पर लगा जाम

Hazaribagh News: चौपारण में जीटी रोड पर सफर करना अब यात्रियों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं रह गया है. जाम की समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों का घंटों समय सड़क पर ही बर्बाद हो रहा है. शुक्रवार को प्रखंड के महुदी स्थित एनएच-19 पर जोकट के समीप एक बार फिर वाहनों का ऐसा रेला लगा कि करीब 15 किलोमीटर तक दोनों लेन में गाड़ियों की लंबी कतार लग गई. 

 

बरही, धनबाद और गया की ओर जाने वाले वाहन घंटों जाम में फंसे रहे. सड़क पर कहीं ट्रक तो कहीं छोटी गाड़ियों की लंबी कतार नजर आई. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि चतरा मोड़ का जाम पार करने के बाद भी वाहन चालकों को चौपारण में राहत नहीं मिल रही है. अब जाम किसी एक दिन की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि आए दिन ऐसी स्थिति बन रही है. गया, हजारीबाग, धनबाद और कोडरमा की ओर जाने वाले यात्रियों को चौपारण पार करने में ही तीन से चार घंटे तक लग रहे हैं. त्योहार के कारण वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थिति और विकराल हो गई है. 

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जाम की प्रमुख वजहों में सिक्सलेन निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही और एनएचएआई की कमजोर निगरानी को स्थानीय लोग जिम्मेदार मान रहे हैं. आरोप है कि निर्माण कंपनी ने अंडरपास और डिवाइडर के आसपास कई जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिए हैं. अधूरे निर्माण और अव्यवस्थित सड़क के कारण वाहनों की रफ्तार थम रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इन गड्ढों और निर्माण संबंधी खामियों के कारण पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी है. 

 

जाम से निकलने की जल्दबाजी में कई वाहन चालक रॉन्ग साइड से गाड़ियां निकालने लगते हैं. इससे दोनों ओर से वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और जाम और भी लंबा खिंच जाता है. सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनती है, जब एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहते हैं. इससे मरीजों की जान पर भी खतरा पैदा हो सकता है. इस अव्यवस्था से आम यात्री, स्थानीय दुकानदार, नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी और वाहन चालक सभी परेशान हैं. 

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास और डिवाइडर के समीप छोड़े गए गड्ढों को तत्काल भरा जाए, अधूरे निर्माण कार्य को पूरा किया जाए और जाम प्रभावित स्थानों पर यातायात नियंत्रण के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए. स्थानीय लोगों ने एनएचएआई और सिक्सलेन निर्माण कंपनी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

 

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