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ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में शिक्षकों के लिए कला एकीकरण पर हुआ प्रशिक्षण कार्यशाला

ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में आज शिक्षकों के लिए कला एकीकरण पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का उद्देश्य कक्षा शिक्षण को रचनात्मकता और सांस्कृतिक जुड़ाव के माध्यम से और अधिक प्रभावशाली एवं समृद्ध बनाना था.
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Ranchi : ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में आज शिक्षकों के लिए कला एकीकरण पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का उद्देश्य कक्षा शिक्षण को रचनात्मकता और सांस्कृतिक जुड़ाव के माध्यम से और अधिक प्रभावशाली एवं समृद्ध बनाना था.

 

इस पहल के अंतर्गत शिक्षकों को यह प्रशिक्षण दिया गया कि वे किस प्रकार विभिन्न कला-रूपों को अपने शिक्षण पद्धति में शामिल कर विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को अधिक प्रभावशाली और समग्र बना सकते हैं.

 

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प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रमुख बिंदु

 

1.   शिक्षकों को सांस्कृतिक रूप से उत्तरदायी और मानक-आधारित कला एकीकरण परियोजनाएं डिज़ाइन करने एवं लागू करने में सक्षम बनाना.

2.   कला संस्थाओं, शिक्षण कलाकारों और स्कूलों के बीच मजबूत साझेदारी का निर्माण करना

3.   समुदाय की विविध सांस्कृतिक विरासतों के प्रति सम्मान एवं सरोकार को बढ़ावा देना

4.   रचनात्मक एवं व्यवहारिक शिक्षण अनुभवों के माध्यम से छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सुदृढ़ करना

 

 

कार्यशाला का संचालन विद्यालय के अंग्रेजी विभाग के शिक्षक  खुशी राम झा द्वारा किया गया. उन्होंने संवादात्मक सत्र, रोल-प्ले, प्रेरक वीडियो और सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को यह प्रेरणा दी कि वे कैसे प्रभावी ढंग से कला को अपने पाठ्यक्रम में समाहित कर सकते हैं.

 

इस अवसर पर विद्यालय की शैक्षणिक निदेशक डॉ. सिमी मेहता, प्राचार्य रंजीत कुमार ठाकुर, शैक्षणिक समन्वयक  रवि शेखर और जूनियर विंग प्रभारी  राज किशोर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे. विद्यालय के सभी शिक्षकगण इस प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए.

 

प्राचार्य रंजीत कुमार ठाकुर ने कहा कि हमें विश्वास है कि कला और शिक्षा का समन्वय विद्यार्थियों की संपूर्ण क्षमता को विकसित करने में सहायक होता है. इस प्रशिक्षण से हमारे शिक्षक कक्षा में नवाचार और रचनात्मकता को और प्रभावशाली रूप से लागू कर पाएंगे.

 

कार्यक्रम का समापन शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत कुछ भावनात्मक गीतों और राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने सभी प्रतिभागियों को शिक्षा में कला की गहराई और उसके महत्व की सार्थक अनुभूति कराई

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