Ranchi : भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सरकार पर झारखंड के सबसे बड़े ट्रेजरी घोटाले को दबाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह मामला करीब 10 हजार करोड़ रुपये का है और इसे मदर ऑफ ऑल स्कैम कहा जा सकता है.
शाहदेव ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय दबाने में लगी है. उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी पत्र में सिर्फ उन क्लर्कों के तबादले की बात कही गई है, जो तीन साल से एक ही जिले में तैनात है.
उन्होंने सवाल उठाया कि केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों हो रही है, जबकि ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर्स जैसे बड़े अधिकारियों पर कोई कदम नहीं उठाया गया.
प्रवक्ता ने जांच के लिए गठित एसआईटी की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए. कहा कि टीम में शामिल कुछ अधिकारी उसी अवधि में संबंधित जिलों में पदस्थापित थे, जहां घोटाले के आरोप लगे हैं.
ऐसे में निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने दावा किया कि जिन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, जांच में उनका ही सहयोग लिया जाएगा. आशंका जताई कि इससे साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं.
शाहदेव ने प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल की 2 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जनवरी 2023 से जनवरी 2026 के बीच 2890 पुलिस कर्मियों के पैन नंबर में बदलाव किया गया.
इसके अलावा 537 कर्मचारियों की जॉइनिंग डेट बदले गए. उन्होंने आरोप लगाया कि डीए की निर्धारित सीमा से ज्यादा राशि निकाली गई और ट्रेजरी नियमों का उल्लंघन कर सरकारी पैसे को निजी खातों और दूसरे राज्यों में ट्रांसफर किया गया.
उन्होंने बोकारो के स्ट्रांग रूम में रखे 12 से 14 किलो सोने का मुद्दा भी उठाया और सरकार से इसकी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की. उन्होंने कहा कि इस सोने की भी जांच होनी चाहिए.
प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि यह घोटाला पशुपालन घोटाले से भी बड़ा हो सकता है. प्रतुल शाहदेव ने मामले की जांच सीबीआई और ईडी से कराने की मांग की है.
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