Ranchi News : रेटिना हेमरेज के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है. रांची सदर अस्पताल में जल्द इस गंभीर बीमारी का इलाज शुरू होने जा रहा है. इसके लिए अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेजकर जरूरी मशीन और विशेषज्ञ टीम की मांग की है. अस्पताल में OCT यानी Optical Coherence Tomography और फंडस फोटोग्राफी मशीन लगते ही मरीजों का इलाज शुरू किया जा सकेगा.
इलाज का खर्च होगा काम
फिलहाल राज्य के किसी सरकारी अस्पताल में इस बीमारी के इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं है. ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ता है. सदर अस्पताल में सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को कम खर्च में इलाज मिल सकेगा.
निजी अस्पतालों में इंजेक्शन की पहली डोज के लिए करीब 18 से 20 हजार रुपये तक खर्च होते हैं. वहीं सदर अस्पताल में यह खर्च करीब 6 हजार रुपये रहने की उम्मीद है. पूरे इलाज पर खर्च की बात करें तो निजी अस्पतालों में करीब एक लाख लगता है. लेकिन सदर अस्पताल में इलाज पर सिर्फ 20 हजार रुपये ही खर्च आएगा.
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आयुष्मान योजना से जोड़ने की तैयारी
सदर अस्पताल में शुरू होने वाली इस सुविधा को आयुष्मान योजना से जोड़ने की भी तैयारी की जा रही है. अगर यह सुविधा योजना के तहत जुड़ जाती है, तो पात्र मरीजों का इलाज मुफ्त में हो सकेगा.
साल में एक बार कराएं आंखों की जांच
रेटिना हेमरेज से बचाव के लिए साल में कम से कम एक बार आंखों की रेटिना की जांच करानी चाहिए. इसके साथ ही शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखना जरूरी है. आंखों की रोशनी कम होने या चली जाने के बाद इलाज के लिए देर से अस्पताल पहुंचने पर परेशानी बढ़ सकती है.
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