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बोकारो के सदर अस्पताल के फर्श पर चल रहा मरीजों का इलाज, डॉक्टर तक नहीं आते देखने

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Dinesh Kumar Panday Bokaro : जिले के सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को उचित सुविधा नहीं मिल पा रही है. कई मरीजों को तो बेड तक नहीं मिल पाती है. गरीब लोग फर्श पर लेटर इलाज कराने को मजबूर है. जिससे देखकर लोगों की रूह काप जाती है. अस्पताल में मौजूद लोगों ने बताया कि कई बार मरीज दर्द से कराहने लगते है. डॉक्टरों को बुलाया जाता है लेकिन डॉक्टर मरीज को देखने तक नहीं आते है. भर्ती मरीज के परिजन बताते है कि पिछले दो दिनों से डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आये है. अस्पताल में ना तो बिजली रहती हैं और ना ही बाथरूम में पानी. जबकि डाक्टर के चेंबर में एसी चलाया जाता हैं.लेकिन मरीजों के साथ जानवरो जैसा बर्ताव किया जाता है. पढ़ें - आज">https://lagatar.in/eknath-shinde-and-devendra-fadnavis-will-meet-pm-modi-today-possible-discussion-on-the-formula-for-cabinet-expansion/">आज

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एक बेड में दो बच्चों का चल रहा इलाज 

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के संवाददाता अस्पताल के आईसीयू में पहुंचे तो देखा कि वहां का हाल भी बेहार ही है. एक बेड में दो बच्चों का इलाज किया जा रहा है. सदर अस्पताल में मरीजों के साथ जानवरों के जैसा व्यवहार किया जाता है. जब संवाददाता ने इस मामले में अस्पताल प्रबंधक से बात करनी चाही तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया. इसे भी पढ़ें - आज">https://lagatar.in/eknath-shinde-and-devendra-fadnavis-will-meet-pm-modi-today-possible-discussion-on-the-formula-for-cabinet-expansion/">आज

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सीरियस मरीज को भी देखने नहीं आते डॉक्टर

लोगों ने बताया कि सीरियस मरीज को भी डॉक्टर देखने नहीं आते है. मरीज को स्ट्रेचर पर घसीटकर ले जाना पड़ता है. सदर अस्पताल में लाबारिश मरीजों को कोई सुविधा तक नहीं दी जाती. उन्हें बेड तक नहीं मिलता, फर्श पर लावारिश पड़ा रहता है.  जबकि अस्पताल के डॉक्टर एसी में आराम से बैठे रहते है. वहीं मरीजों के वार्ड में पंखा तक नहीं चलता. मरीज गर्मी से परेशान होते रहते है. इसे भी पढ़ें - सीरियल">https://lagatar.in/pankaj-dubey-of-paramjit-gang-emerged-like-a-don-in-serial-crime/">सीरियल

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महिला वार्ड में पानी तक नहीं आता 

एक परिजन ने बताया कि मरीज के परिजनों को जांच रिपोर्ट तक नहीं दी जाती. अगर परिजन रिपोर्ट के बारे में डॉक्टर से जाना चाहते है तो उन्हें डॉक्टरों से डांट सुननी पड़ती है. डांट भी इतनी जोरदार होती है कि दोबारा पूछने तक की हिम्मत नहीं होती.महिला वार्ड में भर्ती मरीज ने बताया कि वार्डों के बाथरूम और शौचालय में जलापूर्ति बाधित है. जिससे बाथरूम में गंदी फैली रहती है. मरीजों ने बताया की पीने की पानी भी मरीजों को नसीब नहीं होता है. जब इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. एबी प्रसाद से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कुछ शिकायतें मिली है, हम उसकी जांच करवाएंगे. इसके लिए जो दोषी होंगे करवाई करेंगे. इसे भी पढ़ें - खूंटपानी">https://lagatar.in/khuntpani-a-five-day-football-competition-was-organized-under-the-aegis-of-little-star-club/">खूंटपानी

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