Ranchi: झामुमो विधायक चमरा लिंडा की 16 फरवरी को आयोजित आदिवासी अधिकार रैली को लेकर उनकी खिंचाई शुरू हो गयी है. आदिवासी नेता लक्ष्मी नारायण मुंडा ने चमरा लिंडा मौका परस्त नेता बताया है. उन्होंने आदिवासी समाज को इनसे सावधान रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि यह रैली पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है. इसके जरिए वे केवल अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं. उन्हें आदिवासी मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं रहा है. मुंडा ने कहा कि चमरा लिंडा आज से बीस साल पहले आदिवासी छात्र संघ के मंच से आदिवासी समाज के हक-अधिकार के लिए बड़ी-बड़ी बयानबाजी करते थे. आज झारखंड विधानसभा में विधायक रहने के बावजूद आदिवासी समाज के लिए कितना आवाज उठाया है, इनसे पूछा जाना चाहिए. यही विधायक चमरा लिंडा हैं जो राज्यसभा चुनाव में अपना वोट करोड़ रुपये में बेचते रहे हैं. यही चमरा लिंडा हैं, जिन्हें बाइबल विवाद में सरना समुदाय के हितों का ईसाई मिशनरियों से सौदेबाजी कर लोहरदगा क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ने के समय एक करोड़ रुपये और वोट हासिल किया था. इसे पढ़ें-देवघर">https://lagatar.in/bjp-blew-election-bugle-from-deoghar-strategy-programs-movements-made-in-working-committee-meeting/">देवघर
से भाजपा ने फूंका चुनावी बिगुल, कार्यसमिति की बैठक में कार्यक्रमों, आंदोलनों की बनी रणनीति मुंडा ने कहा कि अवसरवादी और धोखेबाज नेता हैं चमरा लिंडा. उन्होंने कहा कि चमरा लिंडा से आदिवासी समाज द्वारा पूछा जाना चाहिए कि आज एकाएक आदिवासी समाज के हक- अधिकार की याद कैसे आई. आदिवासियों के हक-अधिकार को लेकर कई आंदोलन हुए, सीएनटी एक्ट,नगर निकाय आंदोलन, आदिवासी जमीन को लेकर आंदोलन, सरना धर्म कोड को लेकर आंदोलन ऐसे आदिवासी समाज के मुद्दों को लेकर कई तरह के आंदोलन हुए.आप इतना दिन कहां सोए हुए थे. मुंडा ने कहा कि झामुमो के विधायक होने के बावजूद आखिरकार सीएम हेमंत सोरेन उन्हें वैल्यू क्यों नहीं दे रहे हैं. इसका कारण स्वयं चमरा लिंडा हैं. क्योंकि उन्होंने हमेशा ही अवसरवादी और धोखेबाजी का काम किया है. इसे भी पढ़ें- शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-23-jan-2023-jharkhand-news-updates/">शाम
की न्यूज डायरी।।23 JAN।।सीएम ने भरी हुंकार।।साहिबगंज डीसी से ED के सवाल।।अजीब है मुर्दाघर की कहानी।।बिहारःजहरीली शराब से 8 मरे।।बृजभूषण मामला पहुंचा कोर्ट।।नेताजी को नमन।।समेत कई खबरें और वीडियो।। झापा और अजीत कुमार के साथ मिलकर कई सीटों पर कब्जा की सोच रहे हैं. मुंडा ने कहा कि एनोस एक्का की झारखंड पार्टी जो मृतप्रायः हो चुकी है. झारखंड पार्टी में चमरा लिंडा को शामिल कराकर झारखंड में बड़े स्तर पर विधानसभा चुनाव लड़ना है. झारखंड सरकार के महाअधिवक्ता रह चुके अजीत कुमार वर्तमान में एनोस एक्का की झारखंड पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं. यह यही अजीत कुमार हैं जिन्हें अर्जुन मुंडा ने अजित कुमार को महाअधिवक्ता बनाया था. अब इनलोगों की योजना है कि उतरी छोटानागपुर, दक्षिणी छोटानागपुर,पलामू, कोल्हान प्रमंडलों में पार्टी को रुपये-पैसे, संसाधनों के बल पर लगातार कार्यक्रम करके पार्टी का विस्तार दिया जाए. झारखंड की आधी 40 - 45 विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ाया जाए. इस अभियान में विधायक चमरा लिंडा के साथ विधायक सुषाषन होरो उर्फ झीगा मुंडा भी साथ हैं. [wpse_comments_template]
आदिवासी नेता लक्ष्मी मुंडा ने कहा, मौका परस्त विधायक हैं चमरा लिंडा, रहें सावधान

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