Ranchi News : महिला नेत्री निशा भगत की आत्महत्या की सूचना पाकर आदिवासी नेता सन्नी टोप्पो रिम्स पहुंचे. वहां उन्होंने निशा भगत की आत्महत्या के पीछे की वजह नगड़ी कांके में स्थित एक जमीन को बताया है. जमीन को लेकर पिछले कई दिनों से केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की के साथ चल रहे विवाद को बताया है. सन्नी टोप्पो ने कहा कि निशा भगत को लगातार स्थानीय थाना द्वारा दबाव दिया जा रहा था. मजबूर होकर महिला नेत्री निशा भगत ने आत्महत्या जैसी घटना को अंजाम दिया है.
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आगे उन्होंने कहा की फेसबुक लाइव वीडियो के दौरान उन्होंने पिठौरिया थाना प्रभारी को फोन लगाया था. उनसे बात करते हुए उन्होंने कहा था कि वह आत्महत्या करने जा रही हैं लेकिन थाना प्रभारी द्वारा फोन काट दिया जाता है. यदि थाना प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई की होती तो निशा भगत की जान बच सकती थी. इस बात से संदेह होता है कि जमीन माफियाओं के साथ सांठ-गांठ कर निशा भगत को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया.
केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की का पक्ष
केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने उनके ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है. निशा भगत की मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा का काम है लाश पर राजनीति करना. सनी टोप्पो भी भाजपा का ही आदमी है. आगे उन्होंने बातचीत में कहा कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में वे निशा भगत के परिजनों के साथ खड़े हैं.
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