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रिम्स 2 निर्माण के विरोध में आदिवासी संगठनों का विरोध तेज, उलगुलान पदयात्रा 5 अगस्त से

Ranchi : आदिवासी समाज पर हो रहे जुल्म के खिलाफ विभिन्न आदिवासी संगठनों ने नगाड़ा टोली सरना भवन में बैठक की. इस दौरान आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि 5 अगस्त को भगवान बिरसा मुंडा के गांव उलिहातु से उलगुलान पदयात्रा शुरू की जाएगी, जो 8 अगस्त को कोकर भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल पर  पहुंचेगी. यहां पर स्वास्थय मंत्री से त्याग पत्र मांगा जाएगा.
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Ranchi : आदिवासी समाज पर हो रहे जुल्म के खिलाफ विभिन्न आदिवासी संगठनों ने नगाड़ा टोली सरना भवन में बैठक की. इस दौरान आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि 5 अगस्त को भगवान बिरसा मुंडा के गांव उलिहातु से उलगुलान पदयात्रा शुरू की जाएगी, जो 8 अगस्त को कोकर भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल पर  पहुंचेगी. यहां पर स्वास्थय मंत्री से त्याग पत्र मांगा जाएगा.

 

नगड़ी रैयतों के आंदोलन के बावजूद नगड़ी में रिम्स 2 बनाया जा रहा है. आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कई बार संवाद स्थापित करने की कोशिश की, इसके बावजूद आदिवासियों की बात नहीं सुनी गई और खेतिहर जमीन पर रिम्स 2 बनाए जा रहे है. सामाजिक कार्यकर्ता निरंजना हेरेंज ने कहा कि आज आदिवासी समाज पर चौतरफा हमला हो रहा है. राज्य के आदिवासी जमीनों पर बड़ी परियोजना खोली जा रही है.

 

आदिवासी गांव गुमनाम होते जा रहे है और उनकी जनसंख्या वृद्धि पर असर पड़ रहा है. विस्थापन हो रहे है. राज्य में सीएनटी एक्ट और एसपीटी एक्ट कानून लागू है. इसके बावजूद आदिवासी जमीनों की सादा पट्टा में खरीद विक्री हो रही है. बिना ग्राम सभा के आदिवासियों के जमीन पर बड़े-बडे उद्योग खोली जा रहे है. इसकी वजह से आदिवासी  समाज को विस्थापन का दंश झेलना पड़ रहा है.

 

गढ़वा आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष आशुतोष चेरो ने कहा कि आज आदिवासियों को उजाड़ा जा रहा है. विस्थापित किया जा रहा है. पंचपरगना से फूलचंद्र मुंडा ने कहा कि आज आदिवासी समाज की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. आदिवासियों के हाथों से लगातार जमीन निकलती जा रही है.

 

सामाजिक कार्यकर्ता अजय टोप्पो ने कहा कि झारखंड में नाचगान करने के बजाए अब उलगुलान शुरू किए जाएंगे. आदिवासी समाज को एकजुट होकर एक मंच पर आना होगा. आदिवासियों की सुरक्षा के लिए बने कानून को नजर अंदाज कर आदिवासी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है.

 

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