Ranchi: E20 पेट्रोल को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. क्या सही में दिक्कत हो रही है या नहीं हो रही है इसके लिए रायपुर (छत्तीसगढ़) से कंज्यूमर कोर्ट का आया फैसला अहम है. यह फैसला रांची वासियों के परेशानी कम करने वाला है.
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रायपुर (छत्तीसगढ़) से कंज्यूमर कोर्ट ने E20 पेट्रोल के कारण वाहन के इंजन खराब होने की एक शिकायत पर मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड और डीलर को आदेश दिया है कि वह अपने ग्राहक (शिकायतकर्ता) को 45 दिन के अंदर सेम मॉडल की नयी कार दें.
दरअसल, E20 पेट्रोल के कारण वाहन के इंजन खराब होने की चर्चा इन दिनों आम है. अगर इन समस्याओं से जुझने के बाद भी लोग समझ नहीं पाते हैं कि वे निदान के लिए कहां जाएं. डोरंडा में रांची जिला उपभोक्ता फोरम का ऑफिस है, जहां लोग केस करके राहत पा सकते हैं.
कुछ माह पूर्व रांची जिला उपभोक्ता फोरम सही ढ़ग से काम नहीं कर रहा था. लेकिन अब अध्यक्ष के आने के बाद से रांची जिला उपभोक्ता फोरम सुचारु रुप से चल रहा है. लोग E20 पेट्रोल के कारण वाहन के इंजन खराब संबंधी केस रांची जिला उपभोक्ता फोरम में कर सकते हैं. वे खुद या अपने अधिवक्ता के माध्यम से केस लड़ सकते हैं.
रायपुर (छत्तीसगढ़) से कंज्यूमर कोर्ट के उक्त केस की चर्चा करें तो एक कार मालिक ने आरोप लगाया था कि ई20 पेट्रोल की वजह से उसकी कार को बहुत नुकसान पहुंचा. मामले के अनुसार रायपुर के डॉक्टर प्रेमराज ने जून 2024 में एक महंगी कार खरीदी थी, जो बार-बार बंद हो रही थी.
उनका आरोप था कि ई 20 पेट्रोल की वजह से उसकी कार को बहुत नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद उन्होंने न्याय के लिए कंज्यूमर कोर्ट में शरण ली थी. वहीं कार निर्माता कंपनी(मारुति सुज़ुकी) और डीलर ने यह दावा किया था कि शिकायतकर्ता की कार का मॉडल ई20 फ्यूल के साथ आसानी से चल सकता है. यह दावा भी किया था कि कार में आ रहीं समस्याएं मालिक की गलती की वजह से है. तर्क दिया कि कार का रखरखाव ठीक से न होने और सामान्य टूट-फूट होने की वजह से खराबी आयी है.
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