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भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने की कोशिश : मनोज गुप्ता

सरकारी विभागों पर बरसे मैंगोमैन, कहा- धूल फांक रहा आरटीआई आवेदन ‘शुभम संदेश’ में प्रकाशित खबर पर भी मांगी जानकारी Hazaribagh : मैंगोमैन के नाम से प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज गुप्ता ने आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने की कोशिश की जा रही है. यही वजह है कि जिला प्रशासन सूचना के अधिकार के तहत मांगी जा रही सूचनाओं की जानकारी नहीं दे रहा है. सरकारी विभाग पर वह जमकर बरसे और कहा कि जिला प्रशासन से तीन सवाल के जवाब मांगे थे ताकि उस में व्याप्त भ्रष्टाचार उजागर हो सके. लेकिन उन्हें इस बात का दु:ख है कि प्रशासन ने उन्हें जानकारी नहीं दी. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-leprosy-search-campaign-will-run-in-the-district-from-june-15-28-2354-teams-formed/">जमशेदपुर

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पहला मामला ‘शुभम संदेश’ की खबर पर ही आधारित

पहला मामला ‘शुभम संदेश’ की खबर पर ही आधारित है. विगत दिनों जिला परिषद के भवन आवंटन को लेकर ‘शुभम संदेश’ हजारीबाग की टीम ने सवाल खड़ा किया था. उस सवाल पर मनोज गुप्ता ने आरटीआई के तहत जवाब मांगा. सवाल में कहा गया है कि हजारीबाग जिला परिषद से उनके जिले में अचल संपत्ति का ब्योरा दिया जाए. मकान, भवन, बाजार-हाट, मॉल, अतिथि गृह, शादी घर, पार्क, बस स्टैंड, मार्केट आदि कितने हैं, किनको दिया गया है. उनके साथ किए गए एकरारनामे की कॉपी, विभाग का किसी व्यक्ति पर कितनी बकाया राशि है. राशि वसूलने के लिए क्या किया जा रहा है. इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है. कई बार कार्यालय जाने पर टालमटोल करते रहे. यह भी नहीं बताया जा रहा है कि इनका प्रथम अपीलीय पदाधिकारी कौन हैं. बाध्य होकर उन्होंने सूचना प्राप्त करने के लिए उपायुक्त को आवेदन दिया है.

सहायक शिक्षकों के बारे में मांगी गई है जानकारी

जिला शिक्षा अधीक्षक से सहायक शिक्षकों के बारे में जानकारी मांगी गई है. जिले में कितने पारा शिक्षक हैं, कितनों की शैक्षणिक योग्यता की जांच की गई है. कितनों की जांच नहीं की गई है. जांच कबतक पूर्ण होगी. कितने पारा शिक्षकों की जांच में फर्जी डिग्री पाए गए हैं. फर्जी डिग्री वाले शिक्षक का नाम और पता क्या है और वे किस स्कूल में सेवा दे रहे थे. राज्य सरकार के आदेशानुसार 15 नवंबर 2022 तक सभी सहायक शिक्षकों का शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र की जांच करने का आदेश हुआ था. कई बार कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी सूचना नहीं मिली. सूचना प्राप्त करने के लिए पुनः अपील दायर की गई है. इसे भी पढ़ें :छात्रों">https://lagatar.in/i-support-jharkhand-bandh-of-students-lobin-hembram/">छात्रों

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जिला आपूर्ति पदाधिकारी से भी मांगा गया ब्यौरा

हजारीबाग जिला आपूर्ति पदाधिकारी से भी जानकारी मांगी गई है. नगर निगम छेत्र के 36 वार्डों में कुल कितने लाभुक एएवाई योजना के अंतर्गत जन वितरण प्रणाली की दुकान से राशन सामग्री लेते हैं. उनके नाम और पता क्या हैं. एएवाई योजना के अंतर्गत मजदूर, भिखारी, दिव्यांग और अति निर्धन को सरकार राशन देती है. इसका लाभ विभाग और पीडीएस दुकानदारों की मिलीभगत से संपन्न लोग उठा रहे हैं. कितनी पीडीएस दुकानें राशन सामग्री की हेराफेरी के कारण निलंबित या रद्द किए गए हैं, उनके पास सरकार की कितनी राशि बकाया है. राशन या राशि वसूलने के लिए क्या कार्रवाई की गई है और किस डीलर के पास कितना बकाया है.

बिजली विभाग में भी आरटीआई आवेदन

सूचना प्राप्त करने के लिए प्रथम अपीलीय पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता को आवेदन दिए हैं. बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता से भी 25 हजार रुपए या उससे अधिक राशि के बकायदारों की सूची मांगी गई है, सूचना नहीं दी जा रही है. इनमें कई रसूखदारों और सरकारी विभागों के अधिकारियों के नाम हैं. झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को बकरा, सुकर, मुर्गी पालन, बत्तख, जोड़ा बैल, दुधारू गाय आदि देना है. जिला पशुपालन पदाधिकारी से इस संबंध में जानकारी मांगी गई है. इस योजना के अंतर्गत जिले में कितने लोगों को लाभ मिला है, लाभुकों का नाम और पता क्या है .महीनों बीत जाने के बाद भी पूर्ण जानकारी नहीं दी गई है. [wpse_comments_template]

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