Ranchi : सीयूजे में 19 और 20 मार्च 2026 को विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. यह सम्मेलन रांची चेरी-मनातू परिसर में GST 2.0: सेक्टरल एनालिसिस, डिजिटल कंप्लायंस एंड कंजम्पशन शिफ्ट्स – इम्प्लीकेशन्स फॉर विकसित भारत विषय पर आयोजित होगा.
वर्ष 2009 में स्थापित और NAAC से A+ ग्रेड प्राप्त इस संस्थान में आयोजित इस सम्मेलन का संयुक्त रूप से आयोजन वाणिज्य एवं वित्तीय अध्ययन विभाग (DCFS) तथा व्यवसाय प्रशासन विभाग (DBA) द्वारा किया जा रहा है.
इसे इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (ICSSR) का सहयोग प्राप्त है. कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर के संरक्षण में यह कार्यक्रम हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में संपन्न होगा.सम्मेलन में जीएसटी के विकसित स्वरूप और उसके विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभावों पर गहन चर्चा की जाएगी.
विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र, एमएसएमई और तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था पर जीएसटी के प्रभाव का विश्लेषण होगा. इसके साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में कर नीति की भूमिका पर भी विमर्श किया जाएगा.
कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री, कर विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे. प्रमुख वक्ताओं में डॉ. मनोरंजन शर्मा, अर्चना चौधरी, राजिंदर अरोड़ा, राजीव गुप्ता, नितिश कालरा और संजय सिंह शामिल हैं, जो जीएसटी सुधारों के व्यावहारिक और नीतिगत पहलुओं पर अपने विचार साझा करेंगे.
सम्मेलन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ब्लॉकचेन आधारित डिजिटल कंप्लायंस, वैश्विक कर प्रणाली की सर्वोत्तम प्रथाएं और बदलते उपभोग पैटर्न जैसे समकालीन विषयों पर विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे.
डॉ. प्रणय पराशर (संयोजक) और डॉ. नितेश भाटिया (सह-संयोजक) के नेतृत्व में आयोजित यह सम्मेलन जीएसटी 2.0 पर गंभीर विचार-विमर्श का मंच प्रदान करेगा और भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने लाएगा.
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