Just in : UAE Ministry of Economy issues ministerial decision prohibiting Indian wheat exports for 4 months - WAM
— حسن سجواني 🇦🇪 Hassan Sajwani (@HSajwanization) June">https://twitter.com/HSajwanization/status/1536975297811206144?ref_src=twsrc%5Etfw">June
15, 2022
व्यापार बाधित होने की वजह से लिया फैसला
अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने बताया कि 13 मई से पहले यूएई में आयात हुए भारतीय गेहूं या आटे को चार महीने तक देश से बाहर निर्यात नहीं किया जा सकेगा. अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के कारण व्यापार बाधित होने की वजह से यह फैसला लिया गया है. यूएई के इस कदम से कई देश (अधिकतर अमीर और विकसित देश) यूएई से अब भारतीय गेहूं नहीं खरीद पायेंगे. जो वे पहले करते थे. इससे UAE में भारत के गेहूं की जमाखोरी पर भी रोक लगेगी. इसे भी पढ़े : BIG">https://lagatar.in/big-breaking-show-cause-to-ranchi-ssp-clarification-sought-in-two-days-know-the-whole-matter/">BIGBREAKING : रांची SSP को शो कॉज, दो दिनों में मांगा गया स्पष्टीकरण, जानें पूरा मामला
13 मई को भारत ने गेहूं के निर्यात पर लगायी रोक
बता दें कि भारत ने 13 मई को गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी. हालांकि 13 मई से पहले जिन देशों के साथ गेहूं खरीद करार हो गया था, उन्हें भारत ने बाद में गेहूं भेजा था. भारत ने यह फैसला गेहूं की कीमतों में आयी तेजी पर अंकुश के लिए लिया था. इसे भी पढ़े : रांची">https://lagatar.in/ranchi-fierce-fire-broke-out-in-mall-five-fire-tenders-engaged-in-extinguishing/">रांची: मॉल में लगी भीषण आग, बुझाने में जुटी पांच दमकल गाड़ियां
अन्य देशों के गेहूं के निर्यात के लिए सरकार से लेनी होगी मंजूरी
गेहूं या आटा जो भारत से नहीं खरीदा गया है, उसके देश से बाहर निर्यात के लिए कंपनियों को अब सरकार से मंजूरी लेनी होगी. कंपनियों को अब अर्थव्यवस्था मंत्रालय के पास सभी डॉक्यूमेंट और फाइलें जमा करानी होंगी. जिसमें निर्यात किये जाने वाले गेहूं की खेप के देश, लेनदेन की तारीख और अन्य जरूरी जानकारियां की पुष्टि करने वाले डेटा शामिल होंगी. सरकार कंपनियों को एक्सपोर्ट परमिट जारी करेगी, जिसकी अवधि 30 दिन की होगी.यूएई और भारत के बीच हुआ था व्यापार समझौता
बता दें कि यूएई और भारत के बीच फरवरी में व्यापार और निवेश को लेकर समझौता हुआ था. इस करार का नाम कॉम्प्रेहेंसिव इकॉनोमिक पार्टनरशिप ट्रेड एग्रीमेंट (सीईपीए) है, जो एक मई से प्रभावी है. इसके तहत दोनों देशों को एक-दूसरे के उत्पादों पर सभी तरह के शुल्क खत्म करना था. इस समझौते का उद्देश्य अगले पांच साल में दोनों देशों के बीच का सालाना कारोबार बढ़ाकर 100 अरब डॉलर करने का है. इसे भी पढ़े : जज">https://lagatar.in/revealed-in-judges-death-case-was-pushed-to-snatch-mobile/">जजउत्तम आनंद मौत मामले में खुलासा, मोबाइल छीनने के लिए मारा था धक्का [wpse_comments_template]

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