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संत जेवियर्स कॉलेज में यूको राजभाषा सम्मान समारोह, हिंदी का समकालीन परिदृश्य पर चर्चा

संत जेवियर्स कॉलेज रांची के हिंदी विभाग द्वारा यूको बैंक, यूको राजभाषा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. हिंदी साहित्य परिषद और आईक्यूएसी के तत्वावधान में आज फादर सी. डी. ब्रावर मेमोरियल ऑडिटोरियम में इसका आयोजन किया गया.
 

Ranchi : संत जेवियर्स कॉलेज रांची के हिंदी विभाग द्वारा यूको बैंक, यूको राजभाषा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. हिंदी साहित्य परिषद और आईक्यूएसी के तत्वावधान में आज फादर सी. डी. ब्रावर मेमोरियल ऑडिटोरियम में इसका आयोजन किया गया. कार्यक्रम के अंतर्गत जी. डी. बिड़ला स्मृति व्याख्यानमाला के तहत हिंदी का समकालीन परिदृश्य विषय पर विद्वानों और विद्यार्थियों ने अपने विचार व्यक्त किए.

 

कार्यक्रम की शुरुआत में कॉलेज के प्राचार्य फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर, एस.जे. ने स्वागत भाषण देते हुए भाषा पर मजबूत पकड़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने सभी भाषाओं के सम्मान, शब्द चयन में सावधानी और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति पर जोर देते हुए विषय की महत्ता पर प्रकाश डाला.

 

इस अवसर पर यूको बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक आशीष शीतल बखला ने विषय प्रवेश कराया. उन्होंने यूको बैंक के संस्थापक जी. डी. बिड़ला के योगदान पर प्रकाश डालते हुए बैंक द्वारा दिए जाने वाले राजभाषा सम्मान के बारे में जानकारी दी.

 

कार्यक्रम में स्नातकोत्तर हिंदी विभाग की दो पूर्व छात्राओं दीप्ति टोप्पो और स्नेहलता मुंडू को यूको राजभाषा सम्मान से सम्मानित किया गया. दोनों छात्राओं ने अपने विचार साझा किए. इसी क्रम में हिंदी विभाग की पूर्व छात्रा ज्योति कुमारी ने तकनीक और हिंदी विषय पर व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने तकनीक और भाषा के परस्पर प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की.

 

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एस. एस. मेमोरियल कॉलेज, रांची के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनिल वीरेंद्र कुल्लू ने ‘समकालीन’ शब्द का विश्लेषण करते हुए भूमंडलीकरण के दौर में मानव मूल्यों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने हिंदी में रोजगार की व्यापक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच भाषा की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी.

 

इस मौके पर यूको बैंक की अंचल प्रबंधक भावना सिंहा ने संत जेवियर्स कॉलेज और यूको बैंक के स्थापना वर्ष में एक वर्ष के अंतर का उल्लेख करते हुए कहा कि अच्छी भाषा-शैली और संप्रेषण क्षमता बैंकिंग क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाती है.

 

कार्यक्रम का जीवंत मंच संचालन हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. संजय कुमार ने किया. कार्यक्रम के समन्वयक हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार भाटिया रहे, जबकि विभाग की वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. मेल्टिना टोप्पो ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

 

 

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