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UPSC गाइडलाइन : झारखंड के 5 IPS डीजीपी पद के लिए योग्य, जानें कौन हैं ये और क्या हैं नियम

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की गाइडलाइन के अनुसार, झारखंड के पांच आईपीएस अधिकारी राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बनने के योग्य हैं. इन अधिकारियों में डीजी रैंक के तीन और एडीजी रैंक के दो अधिकारी शामिल हैं.
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Ranchi : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की गाइडलाइन के अनुसार, झारखंड के पांच आईपीएस अधिकारी राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बनने के योग्य हैं. इन अधिकारियों में डीजी रैंक के तीन और एडीजी रैंक के दो अधिकारी शामिल हैं.

 

योग्य अधिकारियों की सूची इस प्रकार है : 

  • - अनिल पालटा : डीजी रैंक
  • - प्रशांत सिंह :  डीजी रैंक.
  • - एमएस भाटिया : डीजी रैंक.
  • - संपत मीणा :  एडीजी रैंक (वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर).
  • - संजय आनंद लाठकर : एडीजी रैंक (वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर).

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 डीजीपी पैनल में शामिल होने के लिए यूपीएससी के महत्वपूर्ण नियम 

यूपीएससी की गाइडलाइन डीजीपी पद के लिए अधिकारियों के चयन के लिए एक स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित करती है. इसमें मुख्य रूप से वेतन स्तर (Pay Matrix Level) और सेवा अवधि को आधार बनाया जाता है. 

 

पहली प्राथमिकता वेतन मैट्रिक्स के लेवल-16 के पात्र अधिकारियों को दी जाती है. डीजीपी के रूप में पैनल में शामिल करने के लिए सबसे पहले वेतन मैट्रिक्स के लेवल-16 में शामिल अधिकारियों पर विचार किया जाता है. 

 

यदि राज्य में लेवल-16 का कोई उपयुक्त अधिकारी उपलब्ध नहीं है या पैनल समिति किसी अधिकारी को चयन के योग्य नहीं पाती है, तो फिर वेतन मैट्रिक्स के लेवल-15 में एडीजी (ADG) पद पर कार्यरत अधिकारियों पर विचार किया जाता है. इसके लिए शर्त यह है कि अधिकारी ने कम से कम 30 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो. 

 

अंतिम विकल्प यह है कि यदि लेवल-15 का कोई भी अधिकारी, जिसकी सेवा अवधि 30 वर्ष हो और वह विचार के लिए उपलब्ध नहीं है, तो विचार के क्षेत्र में वेतन मैट्रिक्स के लेवल-15 में एडीजी का पद धारण करने वाले सभी अधिकारी शामिल होंगे. इस स्थिति में, अधिकारी को आईपीएस में आवंटन वर्ष की 1 जनवरी से रिक्ति की तिथि तक (जिसके लिए पैनल तैयार किया गया है) कम से कम 25 वर्ष की सेवा पूरी कर लेनी चाहिए.

 

अधिकारी की सेवा अवधि छह माह या उससे अधिक होनी चाहिए

डीजीपी के पद पर रिक्ति की तिथि से अधिकारी की सेवा अवधि छह माह या उससे अधिक होनी चाहिए. पैनल समिति उपयुक्त सभी श्रेणियों के अधिकारियों का मूल्यांकन कर डीजीपी पद के लिए उपयुक्त अधिकारियों का चयन करती है. ये दिशा-निर्देश यह सुनिश्चित करते हैं कि डीजीपी जैसे महत्वपूर्ण पद पर अनुभवी और योग्य आईपीएस अधिकारियों का ही चयन हो सके.

 

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