अडानी को झटका, अडानी टोटल गैस और अडानी ट्रांसमिशन 31 मई से MSCI इंडिया इंडेक्स से होंगी बाहर
ये हैं पांच बिंदु
1- अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि बरियातू रोड में सेना के कब्जे वाली भूमि की खरीद-बिक्री से पहले प्रदीप बागची के पक्ष में रिपोर्ट देने के लिए छवि रंजन ने दबाव बनाया. रजिस्ट्री के लिए भी छवि रंजन ने ही दबाव बनाया. 2-शहर के बड़े कारोबारी विष्णु अग्रवाल के अलग-अलग भूखंडों से जुड़े मामलों में भी रांची डीसी रहते छवि रंजन ने उनके पक्ष में कई आदेश दिये. 3- अब तक की जांच में कई नए तथ्य सामने आए हैं, जिसके आधार पर रांची डीसी के अधीनस्थ कार्यालयों से दस्तावेज मांगे गए हैं. 4- इस पूरे प्रकरण में किन-किन लोगों को लाभ पहुंचाया गया है और कौन-कौन इस षड्यंत्र का हिस्सा हैं, यह पता नहीं चल पाया है. इसलिए पूछताछ जरुरी है. 5- लैंड स्कैम से हुई कमाई से किसने-किसने कहा-कहा निवेश किया है और चल अचल संपति ख़रीदी है, इसका पता भी नहीं चल पाया है. इसलिए छवि रंजन से पूछताछ जरुरी है. इसे भी पढ़ें -देवघर">https://lagatar.in/deoghar-dc-manjunath-bhajantri-appeared-in-ranchi-acb-court/">देवघरडीसी मंजूनाथ भजंत्री रांची ACB कोर्ट में हुए हाजिर, टेंडर में कमीशन से जुड़े मामले में दी गवाही

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