New Delhi : केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह आज सोमवार को द पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस अमेंडमेंट बिल 2026 विधेयक सदन में पेश करेंगे. इसका उद्देश्य लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन करना है.
सरकार इस संबंध में पहले ही अधिसूचना जारी कर चुकी है. जानकारी के अनुसार विधेयक में प्रस्ताव किया गया है कि फास्ट-ट्रैक अदालतें पेपर लीक मामलों की सुनवाई तीन महीने के भीतर पूरी कर फैसला सुनायेगी. जिससे परीक्षा से संबंधित अपराधों में शीघ्र न्याय सुनिश्चित हो.
लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन करने वाले इस विधेयक में प्रश्नपत्र लीक से संबंधित अपराधों के लिए कारावास की अवधि 10 साल तक और जुर्माने की राशि 10 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव है.
इसमें कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है. संगठित अपराधों के लिए विधेयक में कम से कम सात वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है.
खबर है कि लोकसभा में एनडीए की ओर से इस बिल पर अपना दल से अनुप्रिया पटेल, शिवसेना से श्रीकांत शिंदे, एलजेपी से अरुण भारती, एनसीपीसीआई से सायोनी घोष और टीडीपी के कृष्णा देवरायुलू बोलेंगे
बता दें कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के प्रश्नपत्र लीक होने पर छात्रों में भारी नाराजगी थी. इस क्रम में सीजेपी के नेतृत्व में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के तेज होने पर केंद्र सरकार मे प्रस्तावित कानून लाने की घोषणा की थी. जान लें कि नीट के मुद्दे पर विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमलावर हैं. संसद सत्र के पहले सप्ताह की कार्यवाही चल नहीं पायी.
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