Ranchi News: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FJCCI) की 62वीं वार्षिक आमसभा (एजीएम) शनिवार को रांची में हंगामेदार रही. रविवार को चैंबर के नए सत्र के लिए मतदान होना है. चुनाव से ठीक एक दिन पहले हुई इस आमसभा में साहिबगंज से आए एक उद्यमी ने मंच का संचालन कर रहे वर्तमान पदाधिकारियों पर उन्हें अपनी बात न रखने देने का गंभीर आरोप लगाया.
इस दौरान कुछ देर के लिए गतिरोध और गहमागहमी की स्थिति उत्पन्न हो गई. उद्यमी का आरोप है कि उन्हें अपनी बात रखने के लिए जानबूझकर समय नहीं दिया गया. अपनी उपेक्षा से नाराज होकर उद्यमी ने सभा में सख्त लहजे में कहा कि जो हमारी बात सुनेगा, मत (वोट) उसी को मिलेगा. उनका यह बयान चुनावी दृष्टिकोण से बेहद अहम हो गया है.
इसे भी पढ़ें -
https://lagatar.in/vc-dinesh-singh-attempting-to-replace-registrar-instead-of-resigning
रविवार को चुनाव में मतदाता 21 कार्यकारिणी सदस्यों और क्षेत्रीय उपाध्यक्षों का चयन करेंगे. मतदान से ठीक पहले उद्यमी के इस बयान ने चैंबर की चुनावी सरगर्मी और दूरदराज के जिलों से आए सदस्यों के असंतोष को स्पष्ट रूप से उजागर कर दिया है.
दूसरी ओर इस पूरे मामले पर मंच पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि वार्षिक आमसभा में समय की सीमा होती है और इसी सीमित समय में तय प्रोटोकॉल के तहत ही सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है. हालांकि चुनाव से महज कुछ घंटे पहले हुए इस खुले विरोध ने चैंबर की राजनीति को गरमा दिया है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रविवार को होने वाले मतदान पर इस नाराजगी का कितना असर पड़ता है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
