Lagatar desk : फिल्म ‘केडी: द डेविल’ के गाने सरके चुनर तेरी’ को लेकर मचा विवाद अब लोकसभा तक पहुंच गया है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि फ्रीडम ऑफ स्पीच का मतलब पूरी तरह स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि समाज और संस्कृति के संदर्भ में होनी चाहिए.
विवाद का कारण
गाने ‘सरके चुनर तेरी’ में नोरा फतेही और संजय दत्त मुख्य भूमिकाओं में हैं. रिलीज के साथ ही सोशल मीडिया पर इसके बोल और डांस स्टेप्स को लेकर तीखी आलोचना हुई. कई लोगों ने इसे अश्लील और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया.
#WATCH | Speaking in Lok Sabha, on the ban on Bollywood film song 'Sarke Chunariya', Union Minister for Information & Broadcasting, Ashwini Vaishnaw says," A ban has been imposed on the song. We must operate according to the reasonable restrictions under the Freedom of Speech.… pic.twitter.com/TMSBaiLVke
— ANI (@ANI) March 18, 2026
संसद में उठे सवाल
लोकसभा में आनंद भदौरिया ने इस गाने पर सवाल उठाया. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा -जिस गाने पर चर्चा हो रही है, उस पर पहले ही बैन लग चुका है. भारत में फ्रीडम ऑफ स्पीच के साथ कुछ उचित प्रतिबंध हैं, जिनका पालन होना चाहिए.
गाने का नया वर्जन
विवाद बढ़ते देख फिल्म के मेकर्स ने गाने को यूट्यूब से हटा दिया और इसे नए वर्जन में रिलीज करने का फैसला लिया है. नए वर्जन में गाने के बोल बदले जाएंगे ताकि किसी की भावनाएं आहत न हों.
महिलाओं की गरिमा और युवा पीढ़ी की सुरक्षा का मुद्दा
शिकायत में जोर दिया गया कि यह केवल गाने का मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा, समाज के नैतिक वातावरण और युवा पीढ़ी की सुरक्षा का सवाल है. एनसीडब्ल्यू से अपेक्षा की गई है कि वह तेजी से हस्तक्षेप करे और फिल्म उद्योग में महिलाओं के सम्मान को लेकर संवेदनशीलता बढ़ाए.
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