Search

अमेरिकी प्रशासन ने निकोलस मादुरो को मैनहैटन के फेडरल कोर्ट में पेश किया

Washington :  अमेरिकी प्रशासन ने आज सोमवार को वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति  निकोलस मादुरो को  मैनहैटन के फेडरल कोर्ट में पेश किया. यहां उन पर आरोप तय होने की प्रक्रिया चलेगी. कोर्ट परिसर से सामने आयी तस्वीरों में मादुरो हथकड़ियों में नजर आये.

 

खबर है कि अमेरिका ने निकोलस मादुरो पर ड्रग तस्करी करने के आरोप लगाये हैं. यादकरें कि अमेरिका ने शनिवार को वेनेजुएला के काराकास  में हवाई हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस  को अपनी गिरफ्त में ले लिया था.  


दोनों  को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह जानकारी देते हुए कहा था कि इस ऑपरेशन को अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने  अमेरिकी लॉ एनफोर्समेंट के साथ मिलकर अंजाम दिया  है. 
 
  
जॉनकारों का कहना है कि मादुरो का हाल पनामा के तानाशाह मैनुअल नोरिएगा जैसा हो सकता है. नोरिएगा को भी 1990 में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया था. यहां उसे ट्रायल का सामना करना पड़ा था.


नोरिएगा पर मादक पदार्थों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, साजिश, हत्या, मानवाधिकार उल्लंघन, भ्रष्टाचार और गबन सहित कई आरोप लगे थे. ताजिंदगी उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस और पनामा में विभिन्न सजाएं काटी.

  
एपी ने  कानूनी जानकारों के हवाले से कहा, मादुरो का मामला पनामा के पूर्व शासक मैनुअल नोरिएगा की याद दिलाता है. मादुरो को शनिवार को हुई गिरफ्तारी नोरिएगा को अमेरिकी बलों द्वारा अपदस्थ किये जाने के 36 साल पूरे होने के दिन ही हुई.

 
सूत्रों के अनुसार मादुरो के वकील उनकी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देंगे. उनकी दलील है कि मादुरो एक संप्रभु विदेशी राष्ट्राध्यक्ष हैं. इस लिहाज से उन्हें अभियोजन से इम्युनिटी दी जानी चाहिए. यह अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानून का एक बुनियादी सिद्धांत के तहत होना चाहिए.  

 
विशेषज्ञों के अनुसार वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई को लेकर संवैधानिक सवाल उठ रहे हैं,  क्योंकि इस मामले में कांग्रेस की मंजूरी नहीं मिली ली गयी था. लेकिन अब मादुरो अमेरिकी हिरासत में हैं तो कोर्ट उसके अभियोजन पर मुहर लगा सकता है.  


दरअसल अमेरिका मानता है कि मादुरो वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति नहीं है. याद करें कि   पनामा के पूर्व शासक मैनुअल नोरिएगा को भी अमेरिका ने वैध नेता नहीं माना था.

 
विशेषज्ञों का कहना है कि वेनेजुएलन ऑपरेशन को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर संवैधानिक बहस की संभावना है,  लेकिन इसका असर मादुरो के आपराधिक मुकदमे पर सीमित रहेगा.   

  

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp