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अमेरिका ने अफगान को रॉन्गफुल डिटेंशन स्टेट घोषित किया, भारत ने काबुल का किया समर्थन

Lagatar Desk :  अमेरिका ने अफगानिस्तान को “स्टेट स्पॉन्सर ऑफ रॉन्गफुल डिटेंशन” यानी गलत तरीके से लोगों को हिरासत में रखने वाला देश घोषित कर दिया है.

 

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अफगानिस्तान तालिबान नीतिगत रियायतें हासिल करने के लिए आतंकवादी हथकंडे अपना रहा है. लेकिन अमेरिका इस तरह की बंधक कूटनीति को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा. 

 

रुबियो ने तालिबान को डेनिस कोयल, महमूद हबीबी और अफगानिस्तान में अन्यायपूर्ण तरीके से हिरासत में लिए गए सभी अमेरिकी नागरिकों को तुरंत रिहा करने की बात कही.

 

SPEHA ने सख्त परिणाम भुगतने की दी चेतावनी

बंधक मामलों के लिए नियुक्त विशेष अमेरिकी राष्ट्रपति दूत ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि तालिबान को साफ संदेश दे दिया गया है कि बंधक बनाकर कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर यह सिलसिला जारी रहा तो अफगानिस्तान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. 

 

दूसरे देशों को भी चेतावनी

अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि यह संदेश केवल अफगानिस्तान तक सीमित नहीं है. जो भी देश या संगठन निर्दोष लोगों को बंधक बनाकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करेगा, उसे भी इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. 

 

क्या होता है ‘स्टेट स्पॉन्सर’?

किसी देश को स्टेट स्पॉन्सर घोषित करने का मतलब है कि उस पर आतंकवादी या अवैध गतिविधियों को समर्थन देने या ऐसी कार्रवाइयों में शामिल होने का आरोप है. ऐसे देशों के खिलाफ अमेरिका कड़े कूटनीतिक और आर्थिक कदम उठा सकता है. 

 

UN में अफगानिस्तान पर अमेरिका-भारत आमने-सामने, भारत ने काबुल के समर्थन में दिया बयान

 

अफगानिस्तान के समर्थन में उतरा भारत

एक तरफ जहां अमेरिका ने अफगानिस्तान को गलत तरीके से लोगों को हिरासत में रखने वाला देश बताया. वहीं दूसरी तरफ भारत ने काबुल के समर्थन में बयान दिया. 

 

यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) की बैठक में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरिश पर्वतनेनी ने कहा कि भारत अफगान लोगों के साथ खड़ा है और उनकी प्रगति में भागीदार बनने पर उसे गर्व है. 

 

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में युवा बड़ी संख्या में क्रिकेट खेल रहे हैं और अफगानिस्तान नेशनल क्रिकेट टीम अपनी शानदार प्रदर्शन से दुनिया भर में लोगों का दिल जीत रही है. 

 

भारत ने बैठक के दौरान अफगानिस्तान में मानवीय संकट, सीमा पार हिंसा और व्यापार में बाधाओं को लेकर चिंता भी जताई. पर्वतनेनी ने बताया कि अफगानिस्तान के 34 प्रांतों में 500 से अधिक विकास परियोजनाओं को लागू किया जा चुका है.

 

खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल जैसे क्षेत्रों में भारत का सहयोग जारी है. भारत ने अफगानिस्तान में आम नागरिकों को निशाना बनाने वाले सीमा पार हमलों और हवाई हमलों की भी निंदा की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर का उल्लंघन है.

 

 

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