गांजा की बिक्री और उपभोग पर प्रतिबंध है
अधिकारियों ने बताया कि मादक पदार्थ पर रोकथाम संबंधी स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत गांजा की बिक्री और उपभोग पर प्रतिबंध है, जबकि भांग को कानून के तहत अनुमति प्राप्त है. राज्य में मद्य निषेध के कांग्रेस के चुनावी वादे के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए बांधी ने कहा, ‘‘हम राज्य विधानसभा में पहले भी यह मुद्दा उठा चुके हैं और 27 जुलाई को इस विषय को फिर से उठाएंगे, जब (कांग्रेस सरकार के खिलाफ विधानसभा में) विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर उस दिन चर्चा करेंगे.’’ इसे भी पढ़ें –‘बंग">https://lagatar.in/nobel-laureate-amartya-sen-refuses-to-receive-banga-vibhushan-award/">‘बंगविभूषण’ सम्मान लेने से नोबेल विजेता अमर्त्य सेन ने किया इंकार
पूर्व में विधानसभा में इसकी चर्चा कर चुका हूं
विधायक ने कहा, यह मेरा व्यक्तिगत विचार है और पूर्व में विधानसभा में इसकी चर्चा कर चुका हूं. मैंने कहा था कि बलात्कार, हत्या और झगड़े की वजह कहीं न कहीं शराब है, लेकिन मैंने सदन में सवाल किया था कि क्या भांग का सेवन करने वाले किसी व्यक्ति ने कभी बलात्कार, हत्या या डकैती की है?... शराब को प्रतिबंधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई है. उन्होंने कहा, कमेटी को यह विचार करना चाहिए कि हम भांग और गांजा की ओर कैसे बढ़ सकते हैं. यदि लोग नशा करना चाहते हैं तो उन्हें उस तरह की चीजें परोसी जानी चाहिए, जिनका सेवन करने के बाद हत्या, बलात्कार या अन्य अपराध नहीं किये जाते हैं. यह मेरा व्यक्तिगत विचार है.किसी भी तरह की लत ठीक नहीं होती- बघेल
विधायक के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस की बिलासपुर जिला इकाई के प्रवक्ता अभय नारायण राय ने कहा कि तीन बार विधायक चुने गये और राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बांधी नशे को बढ़ावा देने का ऐसा बयान कैसे दे सकते हैं. उन्होंने कहा, इस तरह के विचार एक सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं. बहरहाल, विधायक की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि किसी भी तरह की लत ठीक नहीं होती. उन्होंने विधायक पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर वह चाहते हैं कि देश में गांजा के सेवन को कानूनी तौर पर अनुमति दी जाए तो उन्हें केंद्र से इसकी मांग करनी चाहिए. दिल्ली से यहां रायपुर हवाई अड्डा पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘...जब केंद्रीय एजेंसियां 10 ग्राम गांजा की जब्ती के लिए मुंबई में भटक रही हैं तो उनके वरिष्ठ नेता कह रहे हैं कि गांजा का सेवन करना चाहिए. गांजा प्रतिबंधित है और उन्हें पहले केंद्र में अपनी सरकार से इसकी (गांजा सेवन की अनुमति) मांग करनी चाहिए. वैसे किसी भी तरह की लत ठीक नहीं होती. इसे भी पढ़ें – पार्थ">https://lagatar.in/ed-team-took-partha-chatterjee-to-aiims-bhubaneswar/">पार्थचटर्जी को भुवनेश्वर एम्स ले गयी ईडी की टीम [wpse_comments_template]

Leave a Comment