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वीएचपी की हिंदुत्व और राष्ट्रीयता के मुद्दे पर सांसदों से चर्चा, धर्म बदलने पर आदिवासियों को न मिले आरक्षण  का लाभ

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NewDelhi : खबर है कि विश्व हिंदू परिषद ने हिंदुत्व और राष्ट्रीयता के मुद्दे पर सांसदों से मुलाकात और चर्चा शुरू की है. अब तक वीएचपी भाजपा, कांग्रेस, जेडीयू, शिवसेना, नेशनल कॉन्फ्रेंस, तृणमूल कांग्रेस, सीपीआई (एम) और आप सहित 329 सांसदों के साथ बातचीत और मुलाकात कर चुकी है. जानकारी दी गयी है कि वीएचपी ने सांसदों से मुलाकात और बातचीत के क्रम में आदिवासियों का मुद्दा उठाया.  लालच, भय या धोखे से किये जाने वाले धर्मांतरण के मुद्दे को उनके समक्ष रखा. इसे भी पढ़ें : केरल">https://lagatar.in/kerala-two-political-murders-in-two-days-politics-rises-section-144-imposed-in-alappuzha/">केरल

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पूजा के तरीके, परंपरा और आस्था बदल देते हैं

कहा गया कि वे अपने पूजा के तरीके, परंपरा और आस्था बदल देते हैं, लेकिन सविंधान से आदिवासियों को प्राप्त आरक्षण और अन्य सुविधा को लेते रहते हैं.  केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले में जोर देते हुए कहा कि आदिवासी दूसरे धर्म को अपना लेते हैं, उन्हें संविधान के तहत मिलने वाले आरक्षण और अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिलना चाहिए.इस संबंध में वीएचपी ने केंद्र और राज्य सरकारों से एक सख्त कानून बनाने की मांग की और सांसदों से भी सुझाव मांगे. इसे भी पढ़ें :  अरुंधति">https://lagatar.in/arundhati-roy-said-one-pm-one-term-formula-should-be-implemented-in-the-country-also-said-umar-khalid-is-not-a-terrorist/">अरुंधति

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बांग्लादेश और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का मामला उठाया

वीएचपी ने सांसदों से चर्चा के दौरान इस मुद्दे को भी उठाया कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के खिलाफ विश्व के अन्य देशों की राय कैसे जुटानी चाहिए. कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि वीएचपी और सांसदों के बीच बातचीत में आम सहमति और विचारों के कई मुद्दे सामने आये हैं.  सूत्रों के अनुसार वीएचपी सांसदों से मुलाकात और चर्चा का अभियान दो चरण में चला रही है. पहले चरण में बंगाल, उत्तर, मध्य, पश्चिमी, उत्तर-पूर्व के सांसदों से मुलाकात की गयी है  दूसरे चरण के तहत बजट सत्र के दौरान ओडिशा और दक्षिण भारत के सांसदों से मुलाकात की जानी है. [wpse_comments_template]  

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