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विधानसभा नियुक्ति घोटाला : जस्टिस विक्रमादित्य कमिटी की जांच रिपोर्ट पेश नहीं होने पर HC ने जतायी नाराजगी

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Ranchi :  झारखंड विधानसभा में अवैध नियुक्ति की जांच की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर आज मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने जस्टिस विक्रमादित्य प्रसाद कमिटी की रिपोर्ट पेश नहीं किये जाने पर नाराजगी जतायी. कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक जस्टिस विक्रमादित्य प्रसाद कमिटी की रिपोर्ट पेश नहीं होती है, तो विधानसभा सचिव को अदालत के समक्ष सशरीर उपस्थित होना पड़ेगा. झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा और जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ में अब 16 अगस्त को सुनवाई होगी. (पढ़ें, रांची">https://lagatar.in/viral-video-of-ormanjhi-police-picking-up-the-money-thrown-by-coal-smuggler/">रांची

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आयोग ने 2018 में ही राज्यपाल को सौंपी रिपोर्ट, लेकिन अब तक नहीं हुई कार्रवाई

झारखंड विधानसभा में अवैध नियुक्ति मामले में शिव शंकर शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2005 से 2007 के बीच में विधानसभा में हुई नियुक्ति में गड़बड़ी हुई है. मामले की जांच के लिए पहले जस्टिस विक्रमादित्य प्रसाद आयोग का गठन किया गया. आयोग ने जांच कर वर्ष 2018 में राज्यपाल को रिपोर्ट भी सौंपी थी. जिसके बाद राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. इसे भी पढ़ें  : बैंगलुरु">https://lagatar.in/bangalore-meeting-kharge-said-the-aim-of-congress-is-not-to-get-pms-post-or-power-it-is-necessary-to-save-democracy/">बैंगलुरु

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