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राजकोट में आज शाम 5 बजे राजकीय सम्मान के साथ होगा विजय रूपाणी का अंतिम संस्कार

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का पार्थिव शरीर आज अहमदाबाद सिविल अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद हवाई मार्ग से राजकोट भेजा जाएगा. राजकोट में उनके परिजन और समर्थक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे. शाम पांच बजे उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.
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Ahmedabad :   गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का पार्थिव शरीर आज अहमदाबाद सिविल अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद हवाई मार्ग से राजकोट भेजा जाएगा. राजकोट में उनके परिजन और समर्थक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे. शाम पांच बजे उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे. 

 

विमान हादसे में रूपाणी की भी हुई मौत

बता दें कि 12 जून को एयर इंडिया के बोइंग 787 विमान के क्रैश में विजय रूपाणी की मौत हो गयी थी. वह लंदन अपनी बेटी के पास जा रहे थे. विमान जैसे ही टेकऑफ किया, कुछ ही मिनटों बाद बीजे मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गया. इस हादसे में 265 लोगों की जान चली गयी और केवल एक यात्री विश्वश कुमार रमेश ही जीवित बच पाए. 

 

डीएनए से हुई पहचान, अब तक 92 शवों की हुई पहचान

रूपाणी की पहचान डीएनए टेस्ट से हुई. उनके भतीजे अनिमेष रूपाणी के सैंपल से मिलान कर उनके पार्थिव शरीर की पहचान की गयी. गुजरात सरकार के मंत्री ऋषिकेश पटेल और जगदीश विश्वकर्मा ने मीडिया को यह जानकारी दी. प्रशासन के अनुसार, विमान हादसे में मरने वालों में से अब तक 92 शवों की ही पहचान हुई है, जिनमें से 47 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं. पोस्टमार्टम हाउस में अब भी कई परिजन मौजूद हैं. 13 मृतकों के शव जल्द परिजनों को सौंप दिया जायेगा. इसकी प्रक्रिया चल रही है,. 

 

छात्र जीवन में राजनीति से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफर 

विजय रूपाणी का जन्म 2 अगस्त 1956 को म्यांमार (तब रंगून) में हुआ था. उनका परिवार 1960 के दशक में भारत लौट आया और राजकोट में बस गया. उन्होंने ABVP, जनसंघ और आरएसएस से जुड़कर छात्र जीवन में ही राजनीति की शुरुआत की. आपातकाल में 11 महीने जेल में बिताने के बाद वह स्थानीय राजनीति में सक्रिय हुए. 1987 में राजकोट नगर निगम के पार्षद बने और बाद में मेयर, फिर राज्यसभा सांसद, राज्य मंत्री, गुजरात बीजेपी अध्यक्ष और अंततः गुजरात के 16वें मुख्यमंत्री बने. उन्होंने 2016 से 2021 तक मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला. 

 

एक युग का अंत

विजय रूपाणी न सिर्फ एक नेता थे, बल्कि गुजरात की राजनीति के एक ऐसे चेहरे थे, जिन्होंने जमीनी राजनीति से लेकर उच्च पदों तक अपने अनुभव और सहज शैली से जनता का भरोसा जीता. उनके निधन से प्रदेश ने एक संयमी, नीतिवान और सरल राजनेता को खो दिया है. 

 

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