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Saraikela News: मंत्री संजय सेठ से मिले ग्रामीण, गणना में संथाल-मांझी जाति दर्ज कराने की मांग

सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड की देवलटांड़ पंचायत में जनगणना के दौरान जाति दर्जीकरण को लेकर चल रहा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है. रविवार को क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ से ग्रामीणों ने मुलाकात की और अपनी मांगों को उनके सामने रखा.
 

Saraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड की देवलटांड़ पंचायत में जनगणना के दौरान जाति दर्जीकरण को लेकर चल रहा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है. रविवार को क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ से ग्रामीणों ने मुलाकात की और अपनी मांगों को उनके सामने रखा.

 

 

ग्रामीणों का कहना है कि उनके खतियान में जाति संथाल-मांझी दर्ज है और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के तहत मिला है. ऐसे में जनगणना के दौरान भी उनकी जाति संथाल-मांझी के रूप में ही दर्ज की जानी चाहिए. उनका आरोप है कि प्रशासन इस मामले में उनकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रहा है.

 

 

ग्रामीणों की बात सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस मुद्दे को संबंधित राज्य स्तरीय अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि सरकारी अभिलेखों और पूर्व रिकॉर्ड में संबंधित परिवारों की जाति दर्ज है और उसी आधार पर उन्हें योजनाओं का लाभ मिला है, तो इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों की मांगों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा.

 

 

यह विवाद पहली बार सामने नहीं आया है. कुछ दिन पहले देवलटांड़ पंचायत के नावाडीह गांव में भी गणना चरण के दौरान इसी मुद्दे पर विवाद हुआ था. उस समय ग्रामीण अपनी जाति संथाल-मांझी दर्ज करने पर अड़े थे, जबकि प्रशासन की ओर से जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने की बात कही गई थी. विवाद बढ़ने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी गांव पहुंची थीं, लेकिन कोई सर्वसम्मत समाधान नहीं निकल सका.

 

 

इसके बाद उपायुक्त ने भी स्पष्ट किया था कि जनगणना के दौरान जाति का निर्धारण प्रशासन नहीं करता, बल्कि पहले से उपलब्ध अभिलेखों और अद्यतन रिकॉर्ड के आधार पर जानकारी दर्ज की जाती है. अब मामला केंद्रीय मंत्री तक पहुंचने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा. ज्ञापन सौंपने के दौरान सांसद प्रतिनिधि मनोज महतो, दिनेश मांझी, अजित मांझी, सत्यवान मांझी, रूपेश मांझी, गणेश मांझी, बद्री मांझी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.

 

 

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