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विनय सिंह ACB की जांच प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए कोर्ट ने नहीं दी बेल

आईएएस विनय चौबे के हजारीबाग डीसी रहने के दौरान वन भूमि की अवैध ढंग से खरीद-बिक्री और नियमविरुद्ध म्यूटेशन से जुड़े केस के प्रमुख आरोपी विनय सिंह को हजारीबाग ACB की विशेष अदालत ने इसलिए जमानत नहीं दी, क्योंकि उन्हें जमानत मिलती तो वह ACB की जांच को प्रभावित कर सकते थे. यह बात कोर्ट ने अपने आदेश में कही है.
 

Ranchi/Hazaribagh : आईएएस विनय चौबे के हजारीबाग डीसी रहने के दौरान वन भूमि की अवैध ढंग से खरीद-बिक्री और नियमविरुद्ध म्यूटेशन से जुड़े केस के प्रमुख आरोपी विनय सिंह को हजारीबाग ACB की विशेष अदालत ने इसलिए जमानत नहीं दी, क्योंकि उन्हें जमानत मिलती तो वह ACB की जांच को प्रभावित कर सकते थे. यह बात कोर्ट ने अपने आदेश में कही है.

 

कोर्ट ने अपने सात पन्नों के आदेश में कहा है कि सरकारी भूमि का निजी व्यक्ति को हस्तांतरण गंभीर विषय है और इससे सरकार को बड़ी हानि होती है. सोमवार (3 नवंबर) को कोर्ट ने विनय सिंह को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी.

 

IAS विनय चौबे के करीबी ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह ACB की कांड संख्या 11/2025 की नामजद आरोपी हैं. ACB के मुताबिक, जिस भूमि को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है, वह विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह के नाम पर है. 

 

यह भूमि हजारीबाग के सदर अंचल के थाना नंबर 252 में स्थित है, जिसका खाता नंबर 95, प्लॉट नंबर 1055, 1060 व 848 और कुल रकबा 28 डिसमिल है. वहीं खाता नंबर 73 और प्लॉट नंबर 812 का रकबा 72 डिसमिल है.

 

यह भूमि सदर अंचल के बभनवे मौजा के हल्का 11 में स्थित है. उक्त खाता प्लॉट की भूमि पर विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह का दखल कब्जा है और फिलहाल इस पर नेक्सजेन का शोरूम संचालित है. उक्त खाता और प्लॉट में कुल 20 से ज़्यादा म्यूटेशन अलग-अलग लोगों के नाम पर किए गए हैं. यह सब कुछ विनय चौबे के हजारीबाग डीसी रहते हुए हुआ है.

 

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