- बेबसी: दो महीने में नहीं हुआ इलाज, दवा और खाने में सारा पैसा खर्च
दवा और भोजन खरीदने में हो गया कंगाल
विष्णु केवट ने बताया कि पत्नी को ब्रेन ट्यूमर है. पिछले दो महीने से रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग में डॉ. सीबी सहाय की यूनिट में इसे भर्ती रखा गया था. सोमवार को ऑपरेशन तय किया गया. चिकित्सकों ने ऑपरेशन की बात कहकर मेरी पत्नी के सिर के पिछले हिस्से के बाल भी साफ कर दिए, लेकिन बेहोशी के लिए इस्तेमाल होने वाला केमिकल न होने की बात कहते हुए ऑपरेशन टाल दिया गया. इतने दिनों से अस्पताल में भर्ती रहने की वजह से मेरे पैसे खत्म हो गए. पत्नी की दवा और अपने लिए दो वक्त का खाना खरीदने में कंगाल हो चुका हूं. बीमारी तो ठीक नहीं हुई, उल्टे मेरे सारे पैसे खत्म हो गए. अब मजबूरन इसे घर लेकर जा रहा हूं.सोडा लाइम केमिकल खत्म होने से टला ऑपरेशन
दैनिक शुभम संदेश के संवाददाता ने जब पता किया तो बताया गया कि अस्पताल में सोडा लाइम केमिकल खत्म होने की वजह से मरीज का ऑपरेशन टाल दिया गया. बता दें कि सोडा लाइम केमिकल एनेस्थीसिया की मशीन में डाला जाता है.कब सुधरेंगे हालात
विष्णु केवट तो अपनी बीमार पत्नी को बिना इलाज पूरा हुए ही लेकर अपने घर लौट गया. लेकिन अपने पीछे एक सुलगता सवाल जरूर छोड़ गया कि आखिर कब गरीबों को भी बड़े अस्पतालों में बिना किसी पैरवी के इलाज कराने का उनका हक मिलेगा. इस तरह के गरीब मरीज रिम्स ही नहीं तमाम अस्पतालों से बिना इलाज के भगवान भरोसे अपने गांव लौट जाते हैं, क्योंकि उनके न पैसा होता है और न ही पैरवी. इस तरह के हालात सुधरने चाहिए. इसे भी पढ़ें – बकोरिया">https://lagatar.in/bakoria-encounter-cbis-closure-report-accepted-in-special-court/">बकोरियामुठभेड़ : स्पेशल कोर्ट में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकृत [wpse_comments_template]
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