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खुद की पहचान नहीं और ग्रामीणों से मांग रहा वोटर और यूआईडी कार्ड

न जिला और न प्रखंड कार्यालय का कर्मी, आवास व राशन कार्ड में नाम जुड़वाने का कर रहा दावा Pramod Upadhyay Hazaribagh : खुद अपनी पहचान छिपाकर रखनेवाला एक शख्स इन दिनों इचाक के नावाडीह में सक्रिय है. सिर्फ एक पत्र दिखाकर लोगों के घर में मौजूद सुविधाओं और समस्याओं का सर्वे की बात कर रहा है. ग्रामीणों से वोटर और यू-आईडी कार्ड मांग रहा है और सरकारी आवास तथा शौचालय दिलाने व राशन कार्ड में नाम जुड़वाने का दावा कर रहा है. कौन है यह शख्स, जो पूछे जाने पर अपना नाम तक नहीं बताता है. सिर्फ बिहार के सासाराम का निवासी होने की बात कहता है. ग्रामीणों को उनका नाम और होल्डिंग नंबर भरकर पर्यावरण एवं स्वच्छ ग्रामीण मिशन का एक कार्ड देता है. बदले में वह हर घर से 40 रुपए वसूल रहा है और साथ में उससे संबंधित रसीद भी दे रहा है. अपना पूरा परिचय नहीं देने पर ग्रामीण दिग्भ्रमित हैं. वह शख्स न तो जिला और न ही प्रखंड कार्यालय का कर्मी है. ऐसे में ग्रामीण सशंकित हैं कि कहीं वह कर्मी ठगी का धंधा तो नहीं कर रहा. उसने नावाडीह पंचायत के अधिकांश ग्रामीणों को कार्ड थमाकर उनसे पैसे वसूल चुका है. इसे भी पढ़ें :  बड़ी">https://lagatar.in/big-news-the-clerk-of-the-regional-deputy-directors-office-turned-out-to-be-fake/">बड़ी

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‘नाम छोड़िए न, चिट्ठी देखिए और फोन कर बीडीओ से पूछ लीजिए’ 

सर्वे कर रहे जब उस शख्स से उसका नाम पूछा गया, तो उसने कहा कि नाम छोड़िए न, चिट्ठी देखिए और फोन कर बीडीओ से पूछ लीजिए. उसने बताया कि वह बिहार के सासाराम का रहनेवाला है. यह पत्र डीडीसी की ओर से निर्गत किया गया है. प्रखंड विकास पदाधिकारी और मुखिया के आदेश पर मकान नंबर दे रहे हैं. घर में होल्डिंग का जो प्लेट लगेगा, उसकी कीमत वह ले रहे हैं. साथ में रसीद भी दे रहे हैं.

आंगनबाड़ी सेविका को भी जानकारी नहीं

इस शख्स के बारे में तिलरा की आंगनबाड़ी सेविका अनिता शर्मा से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इसकी कोई जानकारी नहीं है. उसने प्रखंड कार्यालय इचाक का पत्र दिखाया, तो वह उसके काम में सहयोग कर रही हैं.

डीडीसी का पत्र देख दिया आदेश : बीडीओ

इस संबंध में इचाक की बीडीओ रिंकू कुमारी ने कहा कि उन्हें उस शख्स के बारे में इसकी कोई जानकारी नहीं है. डीडीसी का पत्र देखकर घर सर्वे का आदेश दे दिया. वह शख्स मकान के सर्वे से संबंधित कोई काम कर रहा है.

डीडीसी का नहीं मिल सका पक्ष 

डीडीसी प्रेरणा दीक्षित को उनके सरकारी मोबाइल-9431140734 पर फोन किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया. इस कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका कि क्या वास्तव में उन्होंने सासाराम के उस शख्स को गांवों में सर्वे का काम सौंपा है और इसका उद्देश्य क्या है.

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