Ranchi News: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के तहत अनाथ और निराश्रित लोगों को वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और उपायुक्तों को इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी किए हैं.
निर्देश के अनुसार, जिन अनाथ लोगों को अपने माता-पिता के नाम की जानकारी नहीं है, उनका भी मतदाता सूची में नाम दर्ज किया जा सकेगा. इसके लिए उनकी स्थिति के अनुसार अलग-अलग व्यवस्था तय की गई है.
अगर कोई व्यक्ति बचपन से अनाथालय में रह रहा है और उसे अपने माता-पिता के बारे में जानकारी नहीं है, तो माता-पिता के नाम की जगह अनाथालय का नाम दर्ज किया जाएगा. अगर कोई अनाथ व्यक्ति किसी परिवार में रहकर बड़ा हुआ है, तो संबंधित कॉलम में परिवार के मुखिया का नाम दर्ज किया जा सकता है.
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कानूनी रूप से गोद लिए गए अनाथ व्यक्ति के मामले में गोद लेने वाले माता-पिता का नाम दर्ज किया जाएगा. वहीं अगर कोई मामला इन श्रेणियों में नहीं आता है, तो माता-पिता के नाम की जगह Not Known और संबंध वाले कॉलम में Others दर्ज किया जाएगा.
ऐसे मामलों में BLO यानी बूथ लेवल अधिकारी मौके पर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे. BLO संबंधित पते पर जाकर व्यक्ति के भारत में जन्म और निवास से जुड़ी जानकारी की जांच करेंगे.
अगर किसी अनाथ या निराश्रित व्यक्ति के पास जन्म तिथि या निवास का सामान्य दस्तावेज नहीं है, तो मान्यता प्राप्त NGO या अनाथालय का प्रमाण-पत्र लिया जा सकेगा. इस प्रमाण-पत्र पर जिला सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा का प्रतिहस्ताक्षर जरूरी होगा. इसके बाद ERO या AERO जांच के आधार पर कारण सहित आदेश जारी करेंगे.
निर्वाचन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होना चाहिए. इसके लिए BLO को जरूरी जांच और सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है.
इसके अलावा बुजुर्गों, बीमार लोगों, दिव्यांगों और गरीब लोगों को मतदाता सूची से जुड़ने में परेशानी न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों की मदद लेने को कहा गया है. विभाग का उद्देश्य पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है.
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