Patna News: नेपाल में एक बार फिर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. गोरखा जिले के चुमनुब्री गांवपालिका में रविवार सुबह बूढ़ी गंडक नदीं में भीषण बाढ़ आ गई. इस तेज सैलाब में पैयू और बगर गांव के 35 अधिक मकान बह गए.
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बाढ़ के तेज बहाव में आरुघाट गांवपालिका के सोती और मांबुर को जोडने वाला मोटर पुल बह गया. पुलिस की माने तो चुमुनब्री गांवपालिक के न्याकचेत में न्याकचेत और सिर्देबास को जोड़ने वाल झूला पुल भी बह गया है. इसके अलावा धारजे ग्रामीण पालिका का एक बेली ब्रज भी नष्ट हो गया है. इसके अलावा कई छोटे पैदल यात्री पुलि भी बह गए हैं.
गोरखा के मुख्य जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार शुरुआती रिपोर्ट बताती है कि सुरिबास के उप एक भूस्खल हुआ था. वहीं स्थानीय लोगों का अंदेशा है चुमनुव्री-6 में लोकपा और चुमलिंग के बीच बूढ़ी गंड़क की सहायक नदी का मार्ग अवरूद्ध होने के कारण यह अचान बाढ़ आ गी है.
बिहार के जल संसाधन विभाग ने 11 अक्टूबर को नेपाल सरकार से मिली सूचना के आधार पर संबंधित अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपाल अभियंताओं को निर्देश जारी किए हैं. इसमें गंडक और बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर और जलप्रवाह में अप्रत्याशित वृद्धि की आशंका जताई गई है. इससे तटबंधों और अन्य जल संरचनाओं पर दबाव बढ़ सकता है.
जल संसाधन विभाग ने तटबंधों पर लगातार निगरानी और चौकसी बरतने को कहा है. अधिकारियों को दिन-रात स्थिति पर नजर रखने और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए निर्देश दिए गए हैं.
विभाग ने अधिकारियों को जरूरी बाढ़ नियंत्र सामग्री, श्रमकों और प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है. साथ ही तटबंधों और संरचनाओं की सुरक्षा के लिए समय पर सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं.
फिलहार भारतीय क्षेत्र में बाढ़ के प्रभाव को लेकर राहत का अनुमान है. फिर भी जलस्तर में बदलाव और तटबंधों की सुरक्षा को देखते हुए सतर्कता बरतना जरूरी है.
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