Ranchi : राजकीय अतिथिशाला मोरहाबादी में मंगलवार को राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की समीक्षा बैठक हुई. सचिव राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भारत सरकार की उपस्थिति में राज्य सूची में शामिल 36 अन्य पिछड़ी जातियों को केंद्रीय सूची में शामिल करने संबंधी विषयों एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में प्राप्त शिकायतों एवं अभ्यर्थियों के संबंध में चर्चा हुई.
इस दौरान ओबीसी राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि देश के किसी भी जिले में ओबीसी समाज की समस्या है तो उसका समाधान होना चाहिए. राज्य सरकार से जुलाई 2025 में ओबीसी को लेकर रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है. ओबीसी के कितने लोग 1,2,3,4 श्रेणी में काम करते है. इसकी राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी गई है.
पेसा वाले जिलों में ओबीसी आरक्षण शून्य, जाति प्रमाण पत्र बनना बंद- रमेश साहु
ओबीसी केंद्रीय अध्यक्ष रमेश साहु ने बताया कि राज्य के सात जिलों के पेसा वाले जिलों में गुमला, सिमडेगा, लातेहार समेत अन्य जिलों में ओबीसी के लिए आरक्षण शून्य कर दिया गया है. इन जिलों मे ओबीसी का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन रह है.
राज्य में महिला आरक्षण से पहले जाति गणना करना होगा, इसके साथ ही पिछडों का आरक्षण सुनिश्चित करना होगा. ओबीसी विद्यार्थियों को नौकरी नहीं मिल रही है. उम्र निकलती जा रही है.
मौके पर पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग झारखंड से जानकी प्रसाद यादव,सलाहकार राजेश कुमार, सदस्य नंद किशोर मेहता, किरण उमेश समेत राज्य सरकार के अधिकारी मौजूद रहे.
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