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झारखंड में कहर बनकर टूटा मौसम, 12 की मौत, कई झुलसे, आज भी बारिश की चेतावनी

झारखंड में रविवार को मौसम कहर बनकर टूटा है. राज्य के अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से 12 लोगों की मौत हो गई. जबकि सात लोग गंभीर रूप से झुलस गये हैं. इनमें से कई लोग खेतों में काम करने के दौरान वज्रपात की चपेट में आए. राज्य में रविवार को हुई वज्रपात की घटनाओं में गिरिडीह और दुमका जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जहां तीन-तीन लोगों की मौत हुई है. हालांकि झारखंड वासियों को अभी बारिश से छुटकारा नहीं मिलेगा. मौसम विभाग ने 16 जुलाई तक भारी बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है.
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Ranchi :   झारखंड में रविवार को मौसम कहर बनकर टूटा है. राज्य के अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से 12 लोगों की मौत हो गई. जबकि सात लोग गंभीर रूप से झुलस गये हैं. इनमें से कई लोग खेतों में काम करने के दौरान वज्रपात की चपेट में आए. राज्य में रविवार को हुई वज्रपात की घटनाओं में गिरिडीह और दुमका जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जहां तीन-तीन लोगों की मौत हुई है. हालांकि झारखंड वासियों को अभी बारिश से छुटकारा नहीं मिलेगा. मौसम विभाग ने 16 जुलाई तक भारी बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है. 

 

गिरिडीह-दुमका में सबसे ज्यादा मौतें, जानें किन जिलों कितने की गई जान

  • गिरिडीह और दुमका में आकाशीय बिजली गिरने से तीन-तीन लोगों की मौत हुई है.
  • चतरा जिले के लेम गांव में खेत में काम कर रही गीता देवी की ठनका गिरने से मौत हो गई. वहीं लोवागड़ा में खेत में काम कर रही अनिता देवी की जान चली गई, जबकि सविता देवी गंभीर रूप से झुलस गईं.
  • गिरिडीह के माधवाडीह गांव में 18 वर्षीय दस्तगीर आलम और गोराडीह गांव में 50 वर्षीय झरी यादव की वज्रपात की चपेट में आकर मौत हो गई. वहीं बेंगाबाद के बिजलीवधान इलाके में अशोक महतो और उनकी पत्नी प्रमिला देवी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर झुलस गए.
  • पश्चिम सिंहभूम के भरडीहा गांव में ठनका गिरने से 14 वर्षीय छात्र की मौत हो गई.
  • इसके अलावा लोहरदगा में 2, गुमला में 1 और राजधनवार में 1 व्यक्ति की आकाशीय बिजली की चपेट में आकर जान चली गई. 

 

बारिश बनी आफत, खेती पर मंडराया संकट

राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. एक जून से अब तक 510 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 61% अधिक है. इसका असर धान की खेती पर पड़ा है. लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे 25% से ज्यादा धान के बिचड़े सड़ चुके हैं. पलामू में 30%, गुमला में 25%, धनबाद, गिरिडीह व बोकारो में 20%, रांची में 10%, हजारीबाग में 13%, जबकि लातेहार, पश्चिम सिंहभूम और खूंटी जिले में 5% बिचड़े को नुकसान पहुंचा है. बिचड़ा सड़ जाने के कारण धानरोपनी पर संकट गहराने लगा है.

 

16 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सर्कुलेशन और निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य में 16 जुलाई तक बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है. पश्चिम सिंहभूम, सिमडेगा, खूंटी और गुमला जिलों के लिए ऑरेंज, जबकि रांची, लोहरदगा, गिरिडीह, देवघर, धनबाद, जामताड़ा, सरायकेला और पूर्वी सिंहभूम में येलो अलर्ट जारी किया गया है.

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