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लॉरेंस बिश्नोई व अमन साहू गैंग के सदस्य सुनील मीणा का आठ माह बाद भी भारत प्रत्यर्पण नहीं

Ranchi :    कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू गैंग का प्रमुख सदस्य सुनील मीणा का अजरबैजान से भारत प्रत्यर्पण आठ महीने बाद भी नहीं हो पाया है. सुनील मीणा को अक्टूबर 2024 में अजरबैजान में पकड़ा गया था और प्रत्यर्पण संधि के तहत उसे भारत को सौंपने पर सहमति भी बन गई थी. आदेश मिलने के बाद झारखंड पुलिस ने उसे वापस लाने की तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन अब तक इसमें सफलता नहीं मिली है.

 

कौन है सुनील मीणा?

सुनील मीणा मूल रूप से राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के घड़साना की नई मंडी का रहने वाला है. वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सबसे भरोसेमंद सदस्यों में से एक रहा है. पहले वह वर्क वीजा पर भारत से मलेशिया गया था. यहां कुआलालंपुर में रहते हुए वह रोहित गोदारा, गोल्डी बरार और संपत नेहरा के माध्यम से लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में आया. वह मलेशिया से ही आपराधिक गतिविधियों में अपनी जड़ें जमाने लगा. सुनील मीणा लॉरेंस बिश्नोई के इशारे पर राजस्थान और पंजाब के कई जिलों में हत्या, रंगदारी वसूली और फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिलाता था.

 

वीजा रिन्यू में देरी होने से पकड़ा गया सुनील मीणा 

सुनील मीणा को 28 अक्टूबर 2024 को अजरबैजान में पकड़ा गया था. वह उस समय एक होटल में रुका हुआ था. उसका वीजा समाप्त हो गया था और उसे रिन्यू कराने में दो घंटे की देरी हो गई थी. इसी दौरान वीजा चेकिंग ऑफिसर्स ने उसे हिरासत में ले लिया. तब से उसे अजरबैजान के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है.

 

झारखंड पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती था सुनील मीणा

गौरतलब है कि सुनील मीणा लंबे समय से झारखंड पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था. झारखंड एटीएस के अनुरोध पर सुनील मीणा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद इंटरपोल ने उसे अजरबैजान से पकड़ा था.  हालांकि, झारखंड पुलिस ने अभी तक उसकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

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