Lagatar Desk: अभिनेता अमिताभ बच्चन का एक्स पर एक पोस्ट. पोस्ट के आधार पर टीवी चैनलों की रिपोर्ट. और फिर उनका बुल्लेटप्रूफ शीशे में फैंस से मिलना. ये तीन घटनाएं हैं तो अलग-अलग, लेकिन इनकी कड़ियां एक ही जगह जुड़ती हैं. वह है सुरक्षा से और मीडिया की रिपोर्टिंग से. सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें लिखी जा रही हैं. ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर चल क्या रहा है!
एक नवंबर 2026 को रात अमिताभ बच्चन ने एक्स पर लंबा पोस्ट लिखा. लिखा उन्होंने लिखा- वे अक्सर भगवान कृष्ण की प्रार्थना में यह लाइन बोलते-लिखते हैं: हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की.

अमिताभ बच्चन के कुछ पोस्ट.
लेकिन कुछ मीडिया संस्थानों ने इसे तोड़-मरोड़कर पेश किया और ऐसी हेडलाइन चलाई जैसे वे “विरोधियों को चुनौती दे रहे हैं” या “ले आओ अपने हाथी-घोड़े, हम अपने हथियारों से लड़ेंगे”. अमिताभ बच्चन ने News18 Hindi की रिपोर्ट का भी जिक्र किया.
मीडिया को लेकर बच्चन ने लिखा
“सुन लो कान फाड़ के मीडिया वालों.” उनके करीब 5 करोड़ (50 मिलियन) फॉलोअर्स हैं. अगर उन्होंने इशारा किया तो उनमें से सिर्फ 10 प्रतिशत भी “ठोकने” के लिए तैयार बैठे हैं. मीडिया जितना उनके शब्दों की उलट-पलट करेगी, उनके फॉलोअर्स में उससे 100 गुना ज्यादा क्षमता है. मीडिया को “देश का 5वां स्तंभ” बताते हुए उन्होंने लिखा- उन्हें सम्मान दिया जाता है, लेकिन गलती स्वीकार करने और माफी मांगने की जवाबदेही नहीं दिखती. जबकि खुद उनसे गलती हो जाए तो वे तुरंत माफी मांग लेते हैं.
इससे पहले एक नवंबर को अमिताभ बच्चन अपनी पुरानी परंपरा के मुताबिक मुंबई के जलसा बंगले के बाहर फैंस से मिले. लेकिन इस बार वे बुलेटप्रूफ शीशे से बने केबिन के अंदर से हाथ हिलाते दिखे. अभिषेक बच्चन उनके पास खड़े नजर आए.
पहले की कुछ घटनाएं
- - 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई के मेयर और कुछ स्कूलों को धमकी भरा ईमेल मिला था.
- - ईमेल में अमिताभ के जलसा बंगले को 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच टारगेट करने, ग्रेनेड से हमला करने की बात लिखा था.
- - ईमेल में दिलजीत दोसांझ के मुंबई कॉन्सर्ट (27 नवंबर) का भी जिक्र था.
- - ईमेल में प्रोक-खालिस्तान नारे और 1984 से जुड़ी बातें थीं.
- - इससे पहले 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर जूहू में फायरिंग की घटना भी हुई थी.