Ranchi News: झारखंड में JSSC CGL नियुक्ति रद्द किए जाने के फैसले के बाद नवनियुक्त कर्मचारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रोजेक्ट भवन में कार्यरत कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर सरकार से न्याय की मांग की है. प्रदर्शन में शामिल नवनियुक्त कर्मचारी चंदन कुमार ने अपने वर्षों के संघर्ष की कहानी साझा की. उन्होंने कहा कि अब जीवन में बस आगे सबकुछ अंधकारमय ही लग रहा है.
चंदन कुमार ने बताया कि वह पिछले 8 साल से केंद्र सरकार की नौकरी कर रहे थे. इसके बावजूद सरकारी नौकरी हासिल करने के अपने सपने को पूरा करने के लिए वह वर्ष 2013 से लगातार तैयारी कर रहे थे. उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में भी उन्होंने JSSC CGL की परीक्षा दी थी, लेकिन बाद में परीक्षा रद्द हो गई. इसके बाद भी उन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी जारी रखी.
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चंदन कुमार के मुताबिक, वर्ष 2023 में JSSC CGL परीक्षा देने के बाद अभ्यर्थियों को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी. कई वर्षों के संघर्ष और अदालती प्रक्रिया के बाद आखिरकार उन्हें नियुक्ति मिली. जनवरी 2026 में उन्होंने झारखंड सरकार के प्रोजेक्ट भवन में नियुक्ति पत्र ग्रहण किया और रांची के प्रोजेक्ट भवन में ही अपना कार्यभार संभाला.
चंदन कुमार ने बताया कि इस नियुक्ति के लिए उन्होंने केंद्र सरकार की 8 साल पुरानी नौकरी छोड़ दी थी. अब JSSC CGL नियुक्ति रद्द किए जाने के फैसले के बाद उनके साथ-साथ अन्य नवनियुक्त कर्मचारियों का भविष्य भी संकट में पड़ गया है.
उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा या नियुक्ति में किसी भी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना जांच के पूरी नियुक्ति रद्द करना उन अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है, जिन्होंने वर्षों तक मेहनत की और कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद नौकरी हासिल की. चंदन कुमार ने सरकार से मांग की कि उन्हें उनका अधिकार और उनका ऑफिस वापस दिया जाए. उन्होंने कहा कि नवनियुक्त कर्मचारी इस लड़ाई में एकजुट हैं और न्याय मिलने तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे.
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