- ट्यूशन पढ़ाकर 10 साल की परीक्षा की तैयारी
- दोषियों को सजा दें, मेरी नौकरी क्यों छीन रहे
- श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी राहुल बोले- निर्दोषों को सजा नहीं मिलनी चाहिए
Ranchi News : JSSC-CGL परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियां रद्द किए जाने के बाद सफल अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है. सरकार के फैसले के खिलाफ अभ्यर्थी धरने पर बैठकर अपनी नियुक्ति बचाने और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. इनमें राहुल कुमार भी शामिल हैं, जिनका चयन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (Labour Enforcement Officer) के पद पर हुआ था.
कोडरमा और बोकारो से ताल्लुक रखने वाले राहुल कुमार की नियुक्ति पलामू में हुई थी. उन्होंने सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए करीब 10 वर्षों तक कड़ी मेहनत की. ट्यूशन पढ़ाकर अपना गुजारा करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहे. लंबे संघर्ष के बाद अब जब उनका चयन हुआ है तो परिवार में खुशी का माहौल था और नौकरी से बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी थी.
राहुल का कहना है कि उनका परिवार पूरी तरह उन पर निर्भर है. नौकरी मिलने के बाद परिवार को आर्थिक मजबूती की उम्मीद थी, लेकिन नियुक्ति रद्द होने के फैसले ने उनकी वर्षों की मेहनत और परिवार की उम्मीदों को झटका दिया है.
उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन जिन अभ्यर्थियों ने किसी तरह की गलती नहीं की है, उन्हें नौकरी से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. राहुल ने कहा कि अदालत ने भी निर्दोष अभ्यर्थियों को नौकरी करने का अवसर देने की बात कही थी.
CGL नियुक्ति रद्द होने के बाद राहुल कुमार समेत कई सफल अभ्यर्थी अब धरने पर बैठकर सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए और निर्दोष सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति बरकरार रखी जाए.
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