: बाथरूम में घुसकर नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म
29 जून को हाथ-पैर बांधकर की थी पिटायी
घटना के बारे में बताया गया कि 29 जून को पिता उत्तम महतो और मां अंजना महतो ने हाथ-पैर बांधकर बेटी की पिटायी की थी. कारण यह था कि उसे जबरन पढ़ने के लिये कहा जा रहा था. जबकि बेटी की पढ़ाई में बिल्कुल ही रूचि नहीं है. पिटायी के बाद बेटी की हालत बिगड़ गयी थी. इसके बाद उसे लेकर खासमहल के सदर अस्पताल की तरफ गये थे, लेकिन रास्ते में ही बेटी ने दम तोड़ दिया था. डर के मारे वे अस्पताल के भीतर भी नहीं घुसे थे.ट्रेन पकड़कर पहुंच गये गालूडीह स्टेशन
बच्ची की मौत के बाद माता-पिता उसे लेकर वापस सालगाझड़ी रेलवे फाटक पर पहुचे. यहां पर एक पैसेंजर ट्रेन पर सवार होकर गालूडीह स्टेशन पहुंचे. इसके बाद कुछ दूरी पर जंगल-झाड़ी में बेटी के शव को फेंक दिया और वे वहां से कहीं और चले गये.एक सप्ताह बाद घर लौटे थे माता-पिता
बच्ची के माता-पिता एक सप्ताह के बाद मंगलवार की शाम को राहरगोड़ा आवास पर पहुंचे थे. बच्ची को नहीं देखकर पड़ोसियों ने उसके बारे में पूछा. तब उसने ठीक से जवाब नहीं दिया. इसके बाद लोगों को आशंका हुई और घटना की जानकारी परसुडीह पुलिस को जाकर दी. शव बरामदगी के बाद परसुडीह थाना में एसआई संतोष लाल टुडू के बयान पर हत्या कर साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज किया गया है.दूसरी बेटी रहती है मामा के घर
आरोपी की दूसरी बेटी छह साल की है और वह मामा के घर पर रहकर पढ़ाई करती है. जबकि दोनों आरोपी मजदूरी का काम करके अपना भरण-पोषण करते हैं. घटना के बाद दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मामले का उद्भेदन करने में परसुडीह पुलिस का सहयोग गालूडीह पुलिस ने भी की. पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है. इसे भी पढ़ें : 1993">https://lagatar.in/jamshedpur-was-shaken-after-the-murder-of-vg-gopal-in-1993/">1993के दशक में वीजी गोपाल की हत्या के बाद दहल गया था जमशेदपुर [wpse_comments_template]

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