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Panama Papers Leak के व्हिसलब्लोअर का दावा, हिटलर से भी ज्यादा खतरनाक हैं पुतिन, कहा, मुझे जान का खतरा

Berlin : एक समय जितना खतरा अमेरिका को हिटलर से था आज उससे ज्यादा खतरा पुतिन से है. यह बात दुनिया भर में प्रमुख टैक्स चोरी और धोखाधड़ी का खुलासा करने वाले पनामा पेपर्स के व्हिसलब्लोअर ने कही है. अपनी जान के खतरे का अंदेशा जताते हु उन्होंने कहा है कि उन्हें रूस मार सकता है. जान लें कि व्हिसलब्लोअर ने जर्मनी की मैग्जीन डेर स्पीगल को दिये इंटरव्यू में कई बातों का खुलासा किया है. इंटरव्यू शनिवार को प्रकाशित किया गया है. हालांकि मैग्जीन ने इंटरव्यू व्हिसलब्लोअर के बदले हुए नाम (जॉन डो) से प्रकाशित किया है. मैग्जीन के अनुसार जॉन ने कहा कि उनके पास शीर्ष रूसी अधिकारियों और उनके सहयोगियों, जिन्होंने यूक्रेन युद्ध को भी फंडिंग की, उनकी वित्तीय अनियमितताओं के सबूत हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें अपने जीवन को लेकर कोई डर है? उनका जवाब था, यह एक जोखिम है, जिसके साथ मैं जी रहा हूं. कहा कि रूसी सरकार मुझे मारना चाहती है. इसे भी पढ़ें : World">https://lagatar.in/world-athletics-championships-neeraj-chopra-won-silver-in-88-13m-javelin-indias-medal-came-after-19-years/">World

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पुतिन अमेरिका के लिए हिटलर से बड़ा खतरा

जॉन ने दावा किया कि एक समय जितना खतरा अमेरिका को हिटलर से था आज उससे ज्यादा खतरा पुतिन से हैं. कहा कि शेल कंपनियां पुतिन की सबसे अच्छी दोस्त हैं. व्हिसलब्लोअर का आरोप था कि शेल कंपनियां रूसी सेना को पैसे देती हैं, जो यूक्रेन में निर्दोष नागरिकों को मारती हैं. पुतिन की मिसाइलें शॉपिंग सेंटर को निशाना बनाती हैं. कहा कि इन गुमनाम कंपनियों की कोई जवाबदेही नहीं. यह भयावह है. जवाबदेही के बिना समाज कार्य नहीं कर सकता. इसे भी पढ़ें : प्रवर्तन">https://lagatar.in/amnesty-uk-on-enforcement-directorates-radar-said-for-carrying-out-anti-national-acts-51-crore-sent-to-india/">प्रवर्तन

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पनामा पेपर में कई खतरनाक क्रिमिनल संगठन के नाम आये थे

व्हिसलब्लोअर ने दावा किया कि रूस के सरकारी चैनल पर उनके खिलाफ प्रोग्राम बनाये गये. उन्होंने कहा, हमने लीक से जुड़े पहले दो लोगों की हत्या देखी है. कहा कि गुमनामी से बाहर आने का उनका कोई प्लान नहीं है. कहा, पनामा पेपर में कई खतरनाक क्रिमिनल संगठन के नाम आये थे, जिनके लिंक सरकारों से भी हैं. ऐसे में अपनी पहचान को उजागर कर देना मेरे लिए खतरनाक होगा. जान लें कि 2016 में खोजी पत्रकारों के अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा पनामा पेपर लीक किये गये थे. इस कारण दुनिया के कई बड़े नाम टैक्स चोरी मामले में सामने आये थे. [wpse_comments_template]

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