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ISRO को कमजोर क्यों कर रही मोदी सरकार? कांग्रेस का सवाल

National News : जयराम रमेश ने कहा, सैटेलाइट से जुड़े उसके अधिकतर एसेट्स पूरी तरह निजी कंपनियों को सौंपे जाने हैं. तमिलनाडु में बन रहे दूसरे स्पेसपोर्ट को एक निजी कंपनी को सौंपा जा रहा है, जिस पर ISRO लगभग 1,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है.
 
जयराम रमेश (फाइल फोटो)

 National News :  कांग्रेस ने अंतरिक्ष से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर मोदी सरकार को घेरा है. कांगेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पिछले कुछ दिनों में  देश के अंतरिक्ष कार्यक्रमों में ISRO के भविष्य की भूमिका को लेकर कई खबरें तैर रही हैं.

 

जयराम रमेश ने याद दिलाया कि छह दशकों में विक्रम साराभाई, सतीश धवन, ब्रह्म प्रकाश, यूआर राव, एपीजे अब्दुल कलाम सहित कई अन्य प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों तथा टेक्नोलॉजिस्ट्स की दूरदृष्टि, समर्पण और नेतृत्व की बदौलत ISRO ने अथक मेहनत से अपनी क्षमता, सामर्थ्य और दक्षता विकसित की है. लेकिन कुछ खबरें सच में चिंताएं पैदा कर रही हैं.

 

जयराम रमेश ने कहा कि स्पष्ट हो गया है कि परमाणु ऊर्जा की तरह अंतरिक्ष कार्यक्रम को लेकर मोदी सरकार का आक्रामक निजीकरण का एजेंडा है. इसकी प्रेरणा खुद प्रधानमंत्री और उनके PMO से आ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि रॉकेट टेक्नोलॉजी के विकास और निर्माण में ISRO की भूमिका काफी सीमित करने की तैयारी है.

 

जयराम रमेश ने कहा, सैटेलाइट से जुड़े उसके अधिकतर एसेट्स पूरी तरह निजी कंपनियों को सौंपे जाने हैं. तमिलनाडु में बन रहे दूसरे स्पेसपोर्ट को एक निजी कंपनी को सौंपा जा रहा है, जिस पर ISRO लगभग 1,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है. उन्होंने चिंता जताई कि ऐसे में  आंध्र प्रदेश के ऐतिहासिक श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट का भविष्य क्या होगा, इसका भी सिर्फ अंदाजा ही लगाया जा सकता है.

 

श्री रमेश ने कहा कि ISRO ने हमेशा भारत का नाम ऊंचा किया है. प्रधानमंत्री स्वयं इसकी उपलब्धियों की गौरव-गाथा में अपनी सहभागिता दिखाते रहे हैं.  उन्होंने कहा कि स्पेस स्टार्टअप्स को  प्रोत्साहन और समर्थन जरूर मिलना चाहिए,  लेकिन ISRO तो अब कमजोर और शक्तिहीन क्यों किया जा रहा है?

 

दिलाया कि पिछले कुछ माह में  ISRO के 100-120 प्रमुख प्रोफेशनल्स नौकरी छोड़ चुके हैं. जयराम रमेश ने कह, ISRO के एक प्रतिष्ठित पूर्व चेयरमैन, जो प्रधानमंत्री से प्रेरणा पाकर अक्टूबर 2018 में भाजपा में शामिल हुए थे, उन्होंने भी ISRO से जुड़े निजीकरण के इस नये अभियान को लेकर गंभीर संदेह जताए हैं.

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