Ranchi News: झारखंड में घायल और बीमार जंगली जानवरों के इलाज की व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है. वन विभाग राज्य में पांच स्थानों पर वन्यजीव उपचार केंद्र खोलने जा रहा है. इसके लिए विभागीय स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है.
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हटगामरिया, आनंदपुर, हजारीबाग, गोमिया और दलमा में उपचार केंद्र बनाए जाएंगे. इन केंद्रों में हाथियों के इलाज की विशेष व्यवस्था होगी. हालांकि दूसरे जंगली जानवरों का भी इलाज किया जाएगा.
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वन विभाग इन केंद्रों को वन्यजीवों की जरूरत को ध्यान में रखकर विकसित करेगा. घायल जानवरों को पूरा उपचार देने की सुविधा होगी. गंभीर रूप से घायल वन्यजीवों को निगरानी में रखने की व्यवस्था भी होगी. इसके साथ ही वन्यजीवों के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है. बीमार और घायल जानवरों को अस्पताल तक लाने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस एंबुलेंस तैयार करायी जा रही है. बड़े जानवरों के परिवहन के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी. इसमें हाथियों पर विशेष ध्यान रहेगा.
झारखंड में पिछले कुछ वर्षों में हाथियों की आबादी वाले इलाकों में आना बढ़ा है. कई बार हाथियों के झुंड शहरों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं. ऐसे हाथियों को सुरक्षित तरीके से वापस वन क्षेत्र में भेजने के दौरान उनके घायल होने की स्थिति भी सामने आती है.
घायल वन्यजीवों को समय पर इलाज नहीं मिलने से संक्रमण का खतरा रहता है. कई मामलों में चोट गंभीर होने पर उनकी स्थिति और खराब हो सकती है. ऐसे में नजदीक उपचार केंद्र उपलब्ध होने से समय पर इलाज संभव होगा.
वन विभाग की योजना से जंगल और आबादी के बीच आने वाले वन्यजीवों के उपचार की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है. खासकर हाथियों के लिए इन केंद्रों की अहम भूमिका होगी. इससे घायल हाथियों को लंबी दूरी तक ले जाने की जरूरत कम होगी. साथ ही अन्य वन्यजीवों को भी स्थानीय स्तर पर उपचार मिल सकेगा.
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