Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

कुएं में कूद जाऊंगा लेकिन कांग्रेस में शामिल नहीं होऊंगा : गडकरी

Advertisement
Advertisement
Nagpur : बीजेपी संसदीय बोर्ड से हटाए जाने के बाद से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी लगातार एक के बाद एक बयान दे रहे हैं. बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके गडकरी ने रविवार को कहा कि मैं कुएं में कूद कर जान दे दूंगा, लेकिन कांग्रेस कभी जॉइन नहीं करूंगा. बीजेपी संसदीय बोर्ड से हटाए जाने पर गडकरी ने कोई टिप्पणी नहीं की है. लेकिन उन्होंने संकेत दे दिए हैं कि वह बीजेपी के साथ रहेंगे और उनका कांग्रेस या कोई और पार्टी जॉइन करने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही.

मुझे कांग्रेस की विचारधारा पसंद ही नहीं

नितिन गडकरी ने याद करते हुए कहा कि वो जब छात्र नेता थे, तब कांग्रेस नेता श्रीकांत जिचकर ने उन्हें बेहतर भविष्य के लिए कांग्रेस में शामिल होने के लिए कहा था. उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "मैंने श्रीकांत से कहा कि मैं कुएं में कूद जाऊंगा लेकिन कांग्रेस में शामिल नहीं होऊंगा, क्योंकि मुझे कांग्रेस की विचारधारा पसंद ही नहीं है. हारने पर कोई इंसान खत्म नहीं होता, लेकिन जब हार मान ली जाती है, तो वो खत्म हो जाता है."
इसे भी पढ़ें– लालू">https://lagatar.in/lalu-family-cooled-many-people-got-my-husband-murdered-too-bjp-mp-rama-devi/">लालू

परिवार ने बहुत लोगों को किया ठंडा, मेरे पति की भी करायी हत्या- BJP सांसद रमा देवी

`यूज एंड थ्रो वाला काम नहीं करना चाहिए`

केंद्रीय मंत्री ने उद्यमियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जो कोई भी व्यवसाय, सामाजिक कार्य या राजनीति में है, उसके लिए मानवीय संबंध सबसे बड़ी ताकत है. इसलिए, किसी को भी इस्तेमाल करो और फेको की दौड़ में शामिल नहीं होना चाहिए. दिन अच्छे हों या फिर बुरे, जब एक बार किसी का हाथ थाम लिया तो उसे थामे रहें. उगते सूरज की पूजा न करें. गडकरी ने पिछले दिनों अपने आलोचकों और मीडिया वर्ग को आड़े हाथों लिया था. उन्होंने कहा था कि राजनीतिक फायदे के लिए उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.

`क्वॉलिटी पर किसी का पेटेंट नहीं`

उन्होंने कहा, `मेरा एक दोस्त आईआईटी में गया था.  जब हम चुनाव हारते थे तो उसने मुझे रिचर्ड निक्सन की जीवनी दी. उसमें एक वाक्य लिखा था- इंसान युद्धभूमि में खत्म नहीं होता, जब वो हारता है. वो तब खत्म होता है, जब वो युद्धभूमि छोड़कर भाग जाता है. तो लड़ना चाहिए और लड़ने के लिए पॉजिटिविटी चाहिए. अहंकार और सेल्फ कॉन्फिडेंस में अंतर है. आत्मविश्वास होना चाहिए, पॉजिटिविटी होनी चाहिए. लेकिन अहंकार और अभिनिवेश नहीं होना चाहिए. सबसे परफेक्ट कुछ नहीं है और कोई यह दावा भी नहीं कर सकता कि वह परफेक्ट है. छोटे -छोटे लोगों से बहुत सी बातें सीखने को मिलती हैं. मैं ये मानता हूं कि अच्छाई पर, क्वॉलिटी पर किसी का पेटेंट नहीं है. बहुत सी नई-नई बातें हम अपने दोस्तों से सीख सकते हैं और उसको अगर हम अपने आचरण में उतार लें, तो यह अच्छी प्रक्रिया है. इससे हम अपने को सुधार सकते हैं.`
इसे भी पढ़ें– अंकिता">https://lagatar.in/ankita-murder-case-babulal-marandi-accuses-dsp-noor-mustafa-of-protecting-accused-shahrukh/">अंकिता

हत्याकांड : बाबूलाल मरांडी ने डीएसपी नूर मुस्तफा पर आरोपी शाहरुख को बचाने का लगाया आरोप
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही